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‘अब किसे राखी बांधूंगी?..’ जमीन पर बैठकर रोती रही बहन, विदिशा में टीचर की डांट से दुखी भाई ने उठाया गलत कदम

Student slap case: विदिशा में 15 साल के किशोर की मौत के बाद बड़ी बहन ने पूछा- अब मैं किसे राखी बांधूंगी। परिजनों ने एंबुलेंस व इलाज में देरी के आरोप लगाए।
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Vidisha student slap case

Vidisha student slap case- जमीन पर बैठकर रोने लगी मृतक किशोर की बहन (फोटो सोर्स- Patrika)

Vidisha student slap case: मध्य प्रदेश के विदिशा में अपने छोटे भाई को खोने के बाद बहन का दर्द छलक पड़ा। मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर जमीन पर बैठकर बहन रोने लगी और अपनी भाई को याद करती रही। बहन बार-बार पूछ रही थी कि अब वह किसे राखी बांधेगी। उसका विलाप सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। आसपास खड़े लोगों ने उसे शांत कराने की कोशिश की लेकिन वह चुप नहीं हुई।

बता दें कि, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले 15 साल के किशोर को स्कूल में प्राचार्य ने थप्पड़ मारा था। इससे आहात होकर किशोर ने गलत कदम उठा लिया। इस बात का पता जैसे ही परिजनों को चला वह तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए जहां डॉक्टरों ने उन्हें बुरी खबर सुना दी। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उन्होंने प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई के अलावा अस्पताल पर इलाज करने में देरी करने के भीम आरोप लगाए।

समय से इलाज मिलता तो बच जाता बेटा- पिता

किशोर के पिता का कहना है कि समय पर एंबुलेंस मिल जाती और अस्पताल में तत्काल इलाज शुरू हो जाता तो शायद उनका बेटा आज जिंदा होता। पिता के अनुसार, बेटे की तबीयत बिगड़ने पर वे उसे तत्काल त्योंदा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए विदिशा रेफर कर दिया। लेकिन परिजनों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। बेटे की हालत लगातार बिगड़ रही थी और समय निकलता जा रहा था। आखिरकार वे निजी वाहन से उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। पिता का आरोप है कि एंबुलेंस की व्यवस्था में हुई देरी ने इलाज शुरू होने में भी समय गंवा दिया।

इमरजेंसी में भी डॉक्टर के इंतजार का आरोप

पिता ने मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ड्यूटी पर तैनात डॉ. कुंज को कई बार बुलाया गया, लेकिन वे इमरजेंसी होने के बावजूद तत्काल नहीं पहुंचे। पिता के मुताबिक, डॉक्टर दो-दो मिनट कहकर लंबे समय तक नहीं आए। उनका आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण बेटे की जान नहीं बच सकी। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं तो देव को बचाया जा सकता था। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।

शिकायत पर हुई पिटाई

बुधवार को परिजनों की मांग पर पुलिस ने करीब दो घंटे बाद किशोर के बयान का वीडियों जारी किया। वीडियो में किशोर ने बताया था कि उसे स्कूल में एक लाइटर मिला था। उससे उसने एक बच्चे के शरारत की थी। बच्चे ने इसकी शिकायत प्राचार्य से की थी। किशोर के अनुसार, इसी बात को लेकर प्राचार्य ने उसे थप्पड़ मारा था। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद किशोर मानसिक रूप से आहत था। उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्राचार्य अभय शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।

दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी- एसपी

इस घटना में मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के उपरांत जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।-मोनिका तिवारी, एडिशनल एसपी विदिशा