विदेश

‘नाकाबंदी हटेगी, होर्मुज खुलेगा’, अमेरिका का बड़ा दावा, जल्द खत्म होगा ईरान का परमाणु कार्यक्रम

US-Iran Deal: तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा दावा किया है। प्रस्तावित US-ईरान समझौता मिडिल-ईस्ट में लंबे समय तक शांति ला सकता है। इस डील से ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करने, ब्लॉकेड हटाने और तनाव कम करने का रास्ता खुल सकता है।

2 min read
Jun 13, 2026
us-iran war update
फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (इमेज सोर्स: ANI)

Middle East Peace: 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। दुनिया की नजरें संभावित समझौते पर टिकी हैं, कि कब युद्ध खत्म होगा। इस बीच व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि प्रस्तावित US-ईरान डील न सिर्फ क्षेत्र में लंबे समय तक शांति स्थापित कर सकती है, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

अधिकारी के मुताबिक, इस समझौते से होर्मुज स्ट्रेट फिर से पूरी तरह खुल सकेगा और मौजूदा नाकाबंदी भी हट जाएगी। अमेरिका का यह भी कहना है कि समझौते के तहत ईरान अपनी परमाणु सामग्री यानी कि एनरिच्ड मटेरियल को वहीं नष्ट कर दे या फिर हेंडओवर कर दे। हालांकि, ईरान के भीतर इस डील को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं, लेकिन व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

डील पर जल्द लग सकती है अंतिम मुहर

अधिकारी ने आगे ये भी कहा समझौते के तहत एक मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगी कि दोनों पक्ष नियम का पालन करें। इस समझौते से क्षेत्र में हिंसा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर भी रोक लगेगी और सभी देश एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करेंगे।

ईरान के अंदर मतभेद बरकरार

व्हाइट हाउस अधिकारी ने बताया कि ईरान के भीतर इस समझौते को लेकर अलग-अलग राय हैं, लेकिन अधिकांश लोग इसके समर्थन में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, हालांकि अभी अंतिम सहमति बाकी है। साथ ही अधिकारी ने ईरानी सरकारी मीडिया में चल रही कुछ रिपोर्टों को घरेलू प्रचार बताते हुए उन पर पूरी तरह भरोसा न करने की सलाह दी।

आर्थिक लाभ तभी, जब ईरान निभाएगा वादे

अमेरिका ने उन खबरों को भी खारिज किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि समझौते पर हस्ताक्षर करते ही ईरान को अरबों डॉलर मिल जाएंगे। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ईरान को कोई अग्रिम भुगतान नहीं मिलेगा। आर्थिक लाभ तभी दिए जाएंगे जब वह अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, परमाणु सामग्री सौंपने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने जैसे वादों को पूरा करेगा। अमेरिका का कहना है कि समझौते का मकसद केवल तनाव कम करना नहीं, बल्कि स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।