Bangladesh 2026 Elections: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार यूनुस ने 2026 के चुनावों को विफल करने की साजिशों की चेतावनी दी है।
Bangladesh 2026 Elections: बांग्लादेश में आगामी राष्ट्रीय चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया गया है। अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने चेतावनी दी है कि कुछ ताकतें 2026 के चुनाव शांति से नहीं होने देना चाहतीं। उनका कहना है कि इन साजिशों के बावजूद, चुनाव (Bangladesh 2026 Elections) फरवरी 2026 के पहले हिस्से में कराए जाएंगे और फिर निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंप दी जाएगी। यूनुस ने ढाका स्थित अपने आधिकारिक आवास पर मंगलवार शाम को यह बयान दिया। इस मौके पर उन्होंने कई राजनीतिक दलों और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम ( Hifazat-e-Islam) के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंता दूर करना और राजनीतिक सहमति बनाना था।
बैठक में शामिल प्रमुख दलों में अमर बांग्लादेश पार्टी (एबी), गणोसंहति आंदोलन, गोनो अधिकार परिषद, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP), नागरोक ओइक्या, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश, और जातीय गोनो फ्रंट जैसे संगठन शामिल थे। इसके अलावा, कट्टरपंथी इस्लामी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जो बांग्लादेश की राजनीति में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं।
यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बताया कि सलाहकार ने साफ कहा, “कुछ ताकतें चाहती हैं कि अंतरिम सरकार चुनाव तक पहुंच ही न सके। वे किसी भी तरह से इस प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश करेंगे।”
उन्होंने दोहराया कि चुनाव तय समय पर ही होंगे और सत्ता एक चुनी हुई सरकार को सौंप दी जाएगी।
बैठक के बाद एबी पार्टी के अध्यक्ष मुजीबुर रहमान मोनजू ने सरकार की नीतियों और कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में चटगांव विश्वविद्यालय में छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़पें यह दिखाती हैं कि प्रशासन और कानून व्यवस्था में तालमेल की कमी है।
मोनजू ने यह भी बताया कि यूनुस ने खुद स्वीकार किया कि उनकी टीम में किसी को भी निष्पक्ष चुनाव कराने का अनुभव नहीं है। इस पर विपक्षी दलों ने सुझाव दिया कि अनुभवी लोगों को संविदा पर नियुक्त किया जाए ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हो सकें।
एलडीपी महासचिव रेडवान अहमद ने अपील की कि यूनुस प्रशासन को चुनाव के दौरान पूरी निष्पक्षता बरतनी चाहिए ताकि किसी भी दल को पक्षपात का आरोप न लगे।
इस हफ्ते की शुरुआत में यूनुस ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी, और नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (NCP) के नेताओं से भी मुलाकात की थी।
बांग्लादेश में इस समय राजनीति का माहौल बेहद संवेदनशील है। पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है।
बहरहाल मौजूदा हालात में अब सवाल यह है कि क्या यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से करवा पाएगी? और क्या देश की जनता को एक स्थिर लोकतांत्रिक सरकार मिल पाएगी?