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PM मोदी से फोन पर बात, पद पर बैठने से पहले रहमान की पार्टी ने भारत से कर दी पहली मांग, बोले- शेख हसीना को वापस भेजो

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 13 फरवरी 2026 को चुनावी जीत के बाद शेख हसीना के भारत से प्रत्यर्पण की मांग फिर से तेज कर दी। स्टैंडिंग कमिटी सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि नई सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत हसीना को वापस मंगवाएगी ताकि वे बांग्लादेश में मुकदमा का सामना करें।

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Feb 13, 2026
Sheikh Hasina (IANS)

Sheikh Hasina Extradition Demand: बांग्लादेश में बीएनपी की भारी चुनावी जीत के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्टैंडिंग कमिटी सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने 13 फरवरी 2026 को ढाका में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीएनपी भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, विदेश मंत्री ने पहले से ही उनके प्रत्यर्पण का मामला उठाया है और हम इसका समर्थन करते हैं। हम लगातार कानून के अनुसार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहे हैं। यह दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच का मुद्दा है। हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाए ताकि मुकदमा चल सके। यह मांग 2024 के विद्रोह के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और नवंबर 2025 में अनुपस्थिति में मौत की सजा के आधार पर है। भारत इसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत देख रहा है। माना जा रहा है कि भारत उनकी मांग पर विचार नहीं करता है तो दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है।

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बीएनपी को मिला प्रचंड बहुमत

बीएनपी ने 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया, जिसमें 209 से अधिक सीटें जीतीं। यह 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव था, जिसमें अवामी लीग भाग नहीं ले सकी। तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी रविवार तक सरकार बनाने की तैयारी में है। जीत के ठीक बाद प्रत्यर्पण की मांग दोहराना बीएनपी की प्राथमिकता दिखाता है।

विद्रोह के बाद भारत आ गईं थीं शेख हसीना

शेख हसीना अगस्त 2024 में विद्रोह के दौरान सत्ता से हटकर भारत आ गईं थीं और तब से नई दिल्ली में निर्वासन में हैं। बांग्लादेश में नवंबर 2025 में एक विशेष ट्रिब्यूनल ने उन्हें अनुपस्थिति में 'मानवता के खिलाफ अपराधों' के लिए मौत की सजा सुनाई थी। यह सजा 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक दमन से जुड़ी है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कम से कम 1,400 लोग मारे गए। हसीना पर भ्रष्टाचार, हत्या और अन्य मामलों में भी कई केस दर्ज हैं। बांग्लादेश-भारत के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि है, जिसके तहत ढाका ने कई बार अनुरोध किया है।

जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने नवंबर 2025 में कहा था कि अनुरोध प्राप्त हुआ है और इसे न्यायिक एवं आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांचा जा रहा है। भारत बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध है तथा सभी पक्षों से रचनात्मक संवाद जारी रखेगा। पीएम मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के समर्थन की बात कही।

अब क्या करेगा भारत

सलाहुद्दीन अहमद ने जोर दिया कि बीएनपी सभी पड़ोसियों, खासकर भारत के साथ आपसी सम्मान और समानता पर आधारित मैत्रीपूर्ण संबंध चाहती है। हालांकि, प्रत्यर्पण मांग से द्विपक्षीय संबंधों में तनाव आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चुनौती बनेगा, लेकिन बीएनपी सरकार 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के अनुरूप संतुलित रुख अपनाने की कोशिश करेगी। आने वाले दिनों में विदेश मंत्रालय स्तर पर बातचीत से स्थिति स्पष्ट होगी।

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Updated on:
13 Feb 2026 10:31 pm
Published on:
13 Feb 2026 07:58 pm
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