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ईरान युद्ध पर अब कनाडा का आया बयान, सीधे ट्रंप का नाम नहीं ले पाए पीएम मार्क कार्नी, क्या कहा?

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ईरान युद्ध पर बयान देते हुए अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं बताया। उन्होंने ईरान में नागरिकों पर हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की।

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Apr 07, 2026
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी। (फोटो- ANI)

Iran War Latest Update:ईरान युद्ध पर कनाडा का बयान सामने आया है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ईरान में नागरिकों पर हमले को लेकर इजराइल और अमेरिका की आलोचना की है। हालांकि, कार्नी सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेने से बचते हुए नजर आए।

पीएम मार्क कार्नी ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध में शामिल पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सभी पक्षों को नागरिकों और आम जनता की संपत्ति को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

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कनाडा का यह बयान क्यों अहम?

कनाडा अमेरिका का पड़ोसी है। NATO का सदस्य है। पश्चिमी गठबंधन का हिस्सा भी है। ऐसे में जब कनाडा यह कहता है कि जंग के नियम तोड़े नहीं जाने चाहिए तो यह सिर्फ एक बयान नहीं रह जाता। यह उस पूरे खेमे के भीतर से उठी एक आवाज है जो अमेरिका के साथ खड़ा माना जाता है।

क्यों कनाडा का बयान सबसे अलग?

ट्रंप ने खुद कहा था कि ईरान के बिजली घर और पुल तबाह कर देंगे। यही वो नागरिक ढांचा है जिसकी बात कार्नी कर रहे हैं। जंग में ताकत दिखाना अलग बात है और आम लोगों की जिंदगी बर्बाद करना अलग।

कनाडा ने वो बात कही जो शायद बहुत से देश सोच रहे थे लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। अब देखना यह है कि ट्रंप इस आवाज को सुनते हैं या अनसुना करते हैं।

कैसे हैं कनाडा और अमेरिका के रिश्ते?

कनाडा और अमेरिका के रिश्ते लंबे समय से घनिष्ठ रहे हैं। लेकिन ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में ये रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए। ट्रंप ने मार्च 2025 में कनाडा पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए, बाद में इसे बढ़ाकर 35 प्रतिशत तक किया।

इसका कारण ट्रंप ने सीमा सुरक्षा, फेंटानिल ड्रग्स और अवैध प्रवासन को रोकना बताया। साथ ही अमेरिकी व्यापार घाटा कम करना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना भी महत्वपूर्ण कारण बताया गया।

ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कही, जिसे कनाडा ने अपनी संप्रभुता पर हमला माना। कनाडा ने जवाबी टैरिफ लगाए, जिससे दोनों तरफ आर्थिक नुकसान हुआ। इसके अलावा, ट्रंप ने कनाडा को चीन से दूर रहने की भी धमकी दी थी।

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