यूक्रेन और रूस में हो रहे युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, रूस ने काफी पहले से ही यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर ली थी। इससे भी खास बात यह है कि इस हमले की जानकारी चीन को भी थी। लेकिन चीन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस हमले के लिए रोक रखा था।
रूस यूक्रेन पर हमला करने वाला है, इस बात की जानकारी रूस के अलावा एक और देश को थी। ये देश था चीन। चीन ये पहले से ही जानता था कि रूस काफी पहले ही यूक्रेन पर हमला करने वाला, लेकिन चीन ने इस हमले को किसी खास वजह से रुकवाए रखा था। यह चौंकाने वाला खुलासा एक अमरीकी न्यूज पेपर की रिपोर्ट में किया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने अपनी रिपोर्ट्स में राष्ट्रपति जो बाइडन ऑफिस और यूरोपियन ऑफिशियल का हवाला दिया है। इन दोनों ने भी एक वेस्टर्न इंटेलिजेंस रिपोर्ट पर यह दावा किया था। हालांकि चीन ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों को निराधार बताया है।
NYT के मुताबिक, इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में दावा है कि, चीन के एक सीनियर अधिकारी को रूस के प्लान के बारे में कुछ हद तक जानकारी थी। इतना ही नहीं हमले की जानकारी मिलने के बाद चीन ने रूस से अपील की थी कि, वह यूक्रेन पर हमले की योजना कुछ वक्त के लिए टाल दे।
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इस वजह से चीन ने टलवाया हमला
इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक चीन को जब पता चला कि रूस यूक्रेन पर हमले की तैयारी में है, तो चीन ने आनन-फानन में रूस से एक खास अपील की। इस अपील में चीन ने कहा कि जब तक विंटर ओलंपिक ना हो जाए रूस यूक्रेन पर हमला ना करे।
चीन ने खारिज किया दावा
दूसरी तरफ वॉशिंगटन में चाइनिज एम्बेसी के प्रवक्ता लुई पेन्ग्यु ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इन रिपोर्ट्स का कोई आधार नहीं है। यह सिर्फ चीन के चरित्र पर दाग लगाने की कोशिश है। वहीं अमरीकी विदेश विभाग, सीआईए और व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने चीन के इस रुख पर अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बता दें कि इस साल विंटर ओलंपिक 4 से 20 फरवरी के बीच चीन के बीजिंग में हुए थे। दरअसल पश्चिमी देशों के नेता कई हफ्तों से इस संभावित हमले की चेतावनी देते रहे। शीतकालीन ओलंपिक समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद ही रूस ने 24 फरवरी को उत्तर, पूर्व और दक्षिण से यूक्रेन पर तीन-तरफा आक्रमण कर दिया।
4 फरवरी को मिले थे पुतिन और जिनपिंग
पुतिन और चीनी नेता शी जिनपिंग ने 4 फरवरी को ओलंपिक की शुरुआत में मुलाकात की थी। इस दौरान 'नो लिमिट्स' पार्टनरशिप की घोषणा की गई, जिसमें पश्चिम के खिलाफ और अधिक सहयोग करने का वचन दिया गया।
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