
China Bridges Drone Attack: चीन में वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी ने देश के बड़े सस्पेंशन ब्रिजों की ड्रोन हमलों के प्रति संभावित कमजोरी को लेकर सवाल उठाए हैं। रिसर्चर्स ने एक प्रमुख सस्पेंशन ब्रिज का कंप्यूटर मॉडल तैयार कर उस पर ड्रोन से विस्फोटक हमले की स्थिति का सिमुलेशन किया। स्टडी के मुताबिक, बहुत सटीक जगह पर किया गया छोटा विस्फोट भी ब्रिज की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यह अध्ययन चीन के साउथवेस्ट जियाओतोंग यूनिवर्सिटी और चाइना रेलवे मेजर ब्रिज रिकॉनिसेंस एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट कंपनी के शोधकर्ताओं ने किया है। इसका फोकस आधुनिक युद्ध में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच महत्वपूर्ण परिवहन ढांचे की सुरक्षा को समझना था।
साउथ चीन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के पास दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे ज्यादा ब्रिज हैं। इनमें दुनिया के कई सबसे ऊंचे और लंबे ब्रिज भी शामिल हैं। परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, चीन में 11 हजार से ज्यादा 'सुपर-लार्ज' या मेगा ब्रिज हैं। शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के लिए 538 मीटर के मुख्य स्पैन वाले सस्पेंशन ब्रिज का मॉडल तैयार किया। इसकी संरचना दक्षिण-पश्चिमी चीन के गुइझोउ प्रांत में स्थित दिमुहे नदी पुल के अनुरूप रखी गई थी।
शोधकर्ताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ब्रिजों पर हुए हमलों को इस अध्ययन की पृष्ठभूमि में रखा। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में यूक्रेनी सेना ने खेरसॉन क्षेत्र में नीपर नदी पर बने एंटोनोव्स्की ब्रिज को निशाना बनाया था। क्रीमिया ब्रिज पर भी कई हमले हुए हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन घटनाओं से यह सवाल सामने आया कि आधुनिक युद्ध में बड़े और रणनीतिक ढांचे अब केवल बड़े पैमाने की सैन्य कार्रवाई के बजाय सटीक हमलों के भी निशाने पर आ सकते हैं।
स्टडी में सिर्फ ब्रिज के एक हिस्से के बजाय उसके प्रमुख हिस्सों को शामिल करते हुए मॉडल तैयार किया गया। इसमें ब्रिज का डेक, मुख्य केबल, हैंगर और सपोर्ट टावर शामिल थे। रिसर्चर्स ने खास तौर पर ब्रिज के ऊंचाई वाले हिस्सों यानी मुख्य केबल और सपोर्ट टावरों पर संभावित विस्फोट के प्रभाव का अध्ययन किया। उनका कहना है कि पहले के रिसर्च में ब्रिज के अलग-अलग हिस्सों की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया गया था, जबकि पूरे सस्पेंशन ब्रिज सिस्टम पर ड्रोन हमले के प्रभाव को लेकर अध्ययन अपेक्षाकृत सीमित रहे हैं।
चीन का परिवहन नेटवर्क बड़े पैमाने पर पुलों पर निर्भर है। देश में कई ऐसे ब्रिज हैं जो महत्वपूर्ण सड़क और रेल संपर्क देते हैं। इनमें गुइझोउ का हुआजियांग कैन्यन ब्रिज भी शामिल है, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज बताया गया है। इसके अलावा जियांगसू प्रांत में बन रहा झांगजिंगगाओ यांग्त्जी नदी ब्रिज पूरा होने के बाद दुनिया का सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज बनने की योजना है। हालांकि, यह स्टडी कंप्यूटर सिमुलेशन पर आधारित है और किसी वास्तविक ब्रिज पर हमला किए जाने का प्रमाण नहीं है। इसलिए इसके निष्कर्षों को संभावित संरचनात्मक जोखिम के आकलन के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि चीन के सभी मेगा ब्रिजों के वास्तविक रूप से असुरक्षित होने के निष्कर्ष के रूप में।