विदेश

अंगोला में 150 लोगों की हुई मौत, इस महामारी से मचा हाहाकार

Angola Cholera Outbreak: अंगोला में हैजा की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। इस महामारी के चलते देश में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

2 min read
Feb 19, 2025
Cholera outbreak in Angola
Cholera outbreak in Angola

अंगोला (Angola) में एक महामारी ने इस समय हाहाकार मचाया गया है। हम बात कर रहे हैं हैजा (Cholera) की, जो इस समय मध्य अफ्रीकी देश अंगोला के निवासियों की चिंता का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। हैजा की वजह से अंगोला में हालात काफी गंभीर हैं। इस साल 7 जनवरी से अंगोला में हैजा के मामले आने शुरू थे और यह सिलसिला अभी भी बरकरार है। देश के 10 प्रांतों में यह महामारी फैल चुकी है। अंगोला में हैजा के सबसे ज़्यादा मामले लुआंडा (Luanda) और बेंगो (Bengo) प्रांत में देखने को मिल रहे हैं। ये दोनों प्रांत एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

अब तक 150 लोगों की हुई मौत

अंगोला में हैजा की वजह से अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी है। अभी भी बड़ी संख्या में हैजा के मरीज़ देश में अलग-अलग प्रांतों में अस्पतालों में भर्ती हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

अब तक 4 हज़ार से ज़्यादा मामले आए सामने

अंगोला में हैजा के मामलों पर गौर किया जाए, तो 7 जनवरी से अब तक देश में इस महामारी के 4,235 मामले सामने आ चुके हैं। अंगोला के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में बताया। अंगोला के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 1 फरवरी से अंगोला में हर दिन हैजा के 100 से ज़्यादा मामला देखने को मिल रहे हैं।

यह भी पढ़ें- Champions Trophy 2025: पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी पर आतंकी साया, 12 हज़ार से ज़्यादा सैनिक और पुलिसकर्मी तैनात

9 लाख से ज़्यादा लोगों को लगाई जा चुकी है वैक्सीन

अंगोला में हैजा के खिलाफ वैक्सीनेशन की प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक अंगोला में करीब 9,30,000 लोगों का हैजा के खिलाफ वैक्सीनेशन हो चुका है। यह आंकड़ा लक्षित आबादी का 86% हिस्सा है।

सैंपलों की जांच की धीमी है रफ्तार

अंगोला में हैजा के सैंपलों की जांच की रफ्तार धीमी चल रही है। सरकारी रिपोर्ट पर गौर किया जाए, तो देश में हैजा के संक्रमण की पुष्टि के लिए लैब में हर दिन सिर्फ 20 सैंपलों की ही जांच हो रही है। यह आंकड़ा काफी कम है, जिसे बढ़ाने की ज़रूरत है।

Published on:
19 Feb 2025 04:12 pm