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सऊदी की चेतावनी, होर्मुज में US नाकाबंदी से ईरान तनाव बढ़ा सकता है, बाब अल-मंडेब बंद होने का खतरा, 20% तेल आपूर्ति प्रभावित

Iran Israel War: होर्मुज विवाद से कच्चा तेल 100 डॉलर के पार पहुंचा। सऊदी अरब ने अमेरिका को ईरानी नाकेबंदी हटाकर बातचीत की सलाह दी है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति सुरक्षित रहे।
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Apr 14, 2026
Prince Khalid Bin
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सऊदी अरब की कूटनीतिक रणनीति (Photo-X)

Hormuz Dispute: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। यह संकट उस समय गहराया जब अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी तेल आपूर्ति को रोकने के लिए नाकेबंदी लागू की। इसी बीच सऊदी अरब ने आगाह किया है कि यह रणनीति उलटी पड़ सकती है और क्षेत्र में तेल आपूर्ति की स्थिति और खराब हो सकती है। सऊदी अरब ने अमेरिकी प्रशासन से अपील की है कि वह नाकेबंदी खत्म कर बातचीत का रास्ता अपनाए। सऊदी अधिकारियों का मानना है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को भी बाधित कर सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ेगा।

100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक मार्ग है। होर्मुज से रोजाना करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बाधित करने के बाद करीब 13 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। सऊदी अरब ने इस संकट से निपटने के लिए अपने तेल को पाइपलाइन के जरिए रेड सी तट पर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाना शुरू किया। इससे वह अपनी लगभग 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति को बनाए रखने में सफल रहा, लेकिन यह विकल्प भी स्थायी नहीं माना जा रहा है।

बाब अल मंडेब पर नया खतरा

सऊदी अरब की सबसे बड़ी चिंता बाब अल मंडेब को लेकर है, जो रेड सी और अरब सागर को जोड़ने वाला अहम समुद्री मार्ग है। अगर यह मार्ग बंद होता है, तो सऊदी की वैकल्पिक तेल सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है। ईरान अपने सहयोगी हुती विद्रोहियों के जरिए इस क्षेत्र में दबाव बना सकता है। यमन में सक्रिय ये समूह पहले भी समुद्री मार्गों को बाधित करने की क्षमता दिखा चुके हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पर्दे के पीछे दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार

अमेरिकी प्रशासन ने हालांकि अपनी नीति का बचाव किया है। डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से कहा गया है कि उनका उद्देश्य होर्मुज को पूरी तरह खुला रखना और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाना है। वहीं खाड़ी देशों का मानना है कि युद्ध के बजाय बातचीत ही इस संकट का समाधान हो सकता है। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, पर्दे के पीछे दोनों पक्ष मध्यस्थों के जरिए बातचीत के लिए तैयार हैं।

Updated on:
14 Apr 2026 06:11 pm
Published on:
14 Apr 2026 06:11 pm