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डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद चीन ने शुरू किया ‘खेल’, 16 सैन्य विमान-8 जहाज ताइवान में घुसे, कब्जे का खाका तैयार

taiwan detects 16 chinese aircraft: ताइवान ने चीन की बड़ी घुसपैठ का खुलासा किया हैं। 16 सैन्य विमान, 8 नौसैनिक जहाज और 3 सरकारी पोत मध्य रेखा पार कर ताइवान में घुसे।
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May 30, 2026
China Taiwan News
ताइवान में घुसे चीन के जहाज। (फोटो- ANI)

चीन ने ताइवान पर कब्जा करने की तैयारी तेज कर दी है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक बार फिर चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों की खबर दी है।

सुबह 6 बजे तक 16 चीनी सैन्य विमानों, 8 नौसैनिक जहाजों और 3 सरकारी पोतों को ताइवान के आसपास देखा गया। इनमें से सभी 16 विमान मध्य रेखा पार करके ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी एयर डिफेंस जोन में घुस आए।

ताइवान सेना की पूरी नजर

ताइवान की सेना पूरी नजर रखे हुए है और जरूरी जवाबी कदम उठा रही है। यह घटना सामान्य नहीं मानी जा रही क्योंकि पिछले दिनों में भी ऐसी गतिविधियां बढ़ी हैं।

29 मई को 10 विमान, 8 जहाज और 4 सरकारी पोत देखे गए थे। चीन की ये हरकतें ताइवान को दबाव में रखने की रणनीति का हिस्सा लगती हैं।

ट्रंप के बयान के बाद चीन ने शुरू किया खेल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 21 मई को कहा था कि वे ताइवान समस्या पर काम करेंगे। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अच्छी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति उनके नियंत्रण में है। इस बयान के बाद चीन की गतिविधियां और तेज हुई हैं।

ताइवान खुद को अलग स्वतंत्र देश मानता है। यहां अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था है। लेकिन चीन इसे अपना अभिन्न अंग बताता है। बीजिंग के अनुसार ताइवान कभी अलग नहीं हुआ और भविष्य में भी नहीं होगा।

क्या है इतिहास?

चीन का ताइवान पर दावा किंग राजवंश के समय से जुड़ा है। 1683 में किंग सेना ने मिंग वफादार कोक्सिंगा को हराकर ताइवान पर कब्जा किया था। आज चीन इस ऐतिहासिक आधार पर पूरा द्वीप अपना बताता है। वहीं ताइवान कहता है कि वह लोकतंत्र के साथ अपना रास्ता चुन चुका है।

चीनी गतिविधियों पर नजर

ताइवान का रक्षा मंत्रालय नियमित रूप से चीनी गतिविधियों की जानकारी एक्स पर देता रहता है। सेना इन विमानों और जहाजों पर नजर रखती है, उन्हें चेतावनी देती है और जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी भेजती है। आम लोग भी इन खबरों से चिंतित हैं क्योंकि रोजाना ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन ताइवान को डराने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संदेश देने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश ताइवान को हथियार और समर्थन देते रहते हैं, जिससे चीन नाराज है।

Updated on:
30 May 2026 06:16 pm
Published on:
30 May 2026 06:15 pm