
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के देशों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम सिर्फ जीतना चाहते हैं… बात बहुत सीधी है। वे (ईरान) परमाणु हथियार नहीं रख सकते।
इसके साथ ही ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर भी एक हैरान करने वाला दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने टैरिफ लगाने की धमकी देकर दोनों देशों के बीच युद्ध को रुकवाया था। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भारत ने साफ कहा है कि यह फैसला दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधी बातचीत के बाद हुआ था, इसमें किसी तीसरे देश का कोई लेना-देना नहीं था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम सिर्फ जीतना चाहते हैं। बात बहुत सीधी है। वे (ईरान) परमाणु हथियार नहीं रख सकते। ट्रंप का यह बयान ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर आया है।
कैंप डेविड में अपनी कैबिनेट के साथ एक मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने अपने पुराने कार्यकाल की तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि हमने भारत-पाकिस्तान का युद्ध रुकवाया। उस समय दोनों तरफ से 11 विमान मार गिराए गए थे और हालात बहुत गंभीर थे। तब मैंने दोनों देशों से कहा कि अगर आप युद्ध बंद नहीं करेंगे, तो मैं आप पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा।
ट्रंप ने आगे कहा कि मेरी इस बात पर भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश बहुत गुस्से में थे, चिल्ला रहे थे और बहस कर रहे थे। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने फोन करके कहा कि हम युद्ध नहीं लड़ेंगे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी उनसे कहा था कि ट्रंप ने युद्ध रुकवाकर 5 करोड़ लोगों की जान बचाई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय और रक्षा विशेषज्ञों ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। भारत का हमेशा से यह स्टैंड रहा है कि कश्मीर या भारत-पाक से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं है। भारत के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संघर्ष विराम का फैसला पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) द्वारा भारतीय DGMO से सीधे संपर्क करने के बाद लिया गया था। इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 8 युद्ध रुकवाए हैं। उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी अब यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं।