विदेश

दान्योर में भूस्खलन से मची तबाही, जलापूर्ति बहाल कर रहे 8 वॉलंटियर्स की मौत, 8 लोग अभी भी फंसे हुए

Gilgit Baltistan Landslide: गिलगित-बाल्टिस्तान के दान्योर में जलापूर्ति बहाल कर रहे वॉलंटियर्स पर भूस्खलन गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हुए।

2 min read
Aug 11, 2025
गिलगित-बाल्टिस्तान के दान्योर शहर में सोमवार तड़के भूस्खलन से तबाही मच गई। चित्र में दिख रहे ये लोग हादसे का शिकार हुए ।(फोटो: X Handle Luzmala/ANI.)

Gilgit Baltistan Landslide: गिलगित-बाल्टिस्तान के दान्योर शहर में सोमवार तड़के भूस्खलन (Gilgit Baltistan Landslide) की घटना में 8 वॉलंटियर्स (Volunteers Killed in Landslide) की मौत हो गई, जबकि 6 जने घायल हो गए। इस जगह 8 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। एएनआई के अनुसार ये सभी लोग नहर से पानी की आपूर्ति (Danyor Water Crisis) फिर से शुरू करने के काम में लगे हुए थे। इस क्षेत्र में लगातार भारी बारिश और जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियर पिघलने (Pakistan Climate Disaster) के कारण भूस्खलन जैसी आपदाएं बढ़ रही हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है। दान्योर की मुख्य नहर में जल आपूर्ति बहाल करने के लिए 13 वॉलंटियर्स काम कर रहे थे, तभी अचानक भूस्खलन आ गया और वे मलबे में दब गए। स्थानीय रेस्क्यू टीम 1122 ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया। घटना के दौरान जिला आपातकालीन अधिकारी अब्दुल बासित भी मौके पर मौजूद थे और राहत कार्य की निगरानी कर रहे थे।

ये भी पढ़ें

आसिम मुनीर ने दी न्यूक्लियर अटैक की धमकी तो भारत ने किया पलटवार, कहा- ऐसी धमकियों से हम नहीं झुकेंगे

दान्योर के अस्पतालों में भर्ती कराया

एक स्थानीय निवासी मोहम्मद अकबर के अनुसार, मृतकों और घायलों को गिलगित और दान्योर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने सिंचाई चैनलों और मुख्य सड़क संपर्क को भी नुकसान पहुंचाया है। 22 जुलाई को दान्योर नाले में पानी का तेज बहाव रिहायशी इलाकों में भी पहुंचा था, जिससे लोगों को पीने और सिंचाई के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

यह नहर पूरी घाटी के लिए जल का मुख्य स्रोत

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नहर पूरी घाटी के लिए जल का मुख्य स्रोत है। जल आपूर्ति बाधित होने से हजारों लोग और किसान प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय नेता हुसैन अकबर शाह ने बताया कि हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग बुनियादी जरूरतों के लिए भी परेशान हैं।

गिलगित के अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित

गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के प्रवक्ता फैजुल्लाह फराक ने पुष्टि की कि इस भूस्खलन में सात वॉलंटियर्स की मौत हुई है। घटना के बाद गिलगित के अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। वहीं, स्थानीय लोग सरकार की कार्यशैली से नाराज हैं और उन्होंने दान्योर चौक पर प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखी हैं।

सरकार ठोस कदम नहीं उठा पाई

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार बार-बार जल आपूर्ति बहाल करने का वादा करती रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई। इस वजह से इलाके के लोग दिन-ब-दिन और अधिक मुश्किल में फंस रहे हैं। वे सरकार से इस गंभीर समस्या का त्वरित समाधान करने की मांग कर रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन से क्षेत्र में चुनौतियां पैदा हुईं

हालांकि, इस भूस्खलन ने जलवायु परिवर्तन के कारण क्षेत्र में आई चुनौतियों को भी उजागर किया है। लगातार बढ़ती बारिश और पिघलते ग्लेशियर न केवल स्थानीय जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि बुनियादी ढांचे को भी खतरे में डाल रहे हैं।

जलापूर्ति बहाल करना अब एक बड़ी चुनौती

दान्योर क्षेत्र के लिए जल आपूर्ति बहाल करना अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है, और इसके लिए जो लोग काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए कि वह जल आपूर्ति के साथ-साथ क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कदम उठाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सरकार ने जल संकट को नजरअंदाज किया

बहरहाल गिलगित-बाल्टिस्तान के दान्योर में जल आपूर्ति बहाल करने के दौरान भूस्खलन ने 8 वॉलंटियर्स की जान ले ली। स्थानीय लोग सरकार पर जल संकट को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं और सुरक्षा इंतजामों में सुधार की मांग कर रहे हैं।

Also Read
View All

अगली खबर