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Iran Protests: ईरान में और बढ़ा बवाल, सेना की बिल्डिंग पर प्रदर्शकारियों ने जमाया कब्जा, इंटरनेट-फोन सेवा ठप

फार्स प्रांत में प्रदर्शनकारियों ने ईरान सेना (IRGC) की एक बिल्डिंग पर कब्जा कर लिया है। सरकार ने कम्युनिकेशन की सभी लाइनें काट दी हैं, इंटरनेट और फोन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

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भारत

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Mukul Kumar

Jan 09, 2026

ईरान में भारी प्रदर्शन। (फोटो- IANS)

ईरान में पिछले 12 दिनों से भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। ईरान ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के बाद से देश में सुरक्षाबलों ने 45 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार का दिन अब तक का सबसे बड़ा जानलेवा दिन रहा, जिसमें 13 प्रदर्शनकारी मारे गए। वहीं, सैकड़ों लोग घायल हुए। इसके अलावा, 2,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सेना की बिल्डिंग की प्रदर्शनकारियों का कब्जा

अब खबर यह भी है कि फार्स प्रांत में प्रदर्शनकारियों ने ईरान सेना (IRGC) की एक बिल्डिंग पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने पूरी तरह से बिल्डिंग को अपने कंट्रोल में ले लिया है।

भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ईरान की सरकार ने कम्युनिकेशन की सभी लाइनें काट दी हैं। इंटरनेट और फोन सेना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसी खबर भी सामने आ रही है कि सरकार सैटेलाइट सिग्नल को जाम करने की भी कोशिश कर सकती है।

क्या बोले ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस?

उधर, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने शुक्रवार को ईरानी सरकार की खूब निंदा की। अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने ईरानी सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया और यूरोपीय नेताओं से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया है।

पहलवी ने कहा- देर रात लाखों ईरानियों ने अपनी आजादी की मांग की। जवाब में, ईरान में शासन ने सभी कम्युनिकेशन लाइनें काट दी हैं। इंटरनेट बंद कर दिया है। फोन सेना भी ठप है। यह सैटेलाइट सिग्नल को जाम करने की भी कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने आगे लिखा- मैं आजाद दुनिया के नेता राष्ट्रपति ट्रंप को शासन को जवाबदेह ठहराने के अपने वादे को दोहराने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। अब समय आ गया है कि यूरोपीय नेता भी उनके नक्शेकदम पर चलें, अपनी चुप्पी तोड़ें और ईरान के लोगों के समर्थन में अधिक निर्णायक रूप से कार्य करें।

पहलवी ने लिखा- मैं सभी से यह आग्रह करता हूं कि वे ईरानी लोगों तक कम्युनिकेशन बहाल करने के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी, वित्तीय और राजनयिक संसाधनों का उपयोग करें ताकि उनकी आवाज और उनकी इच्छा सुनी और देखी जा सके।

अमेरिका ने क्या कहा?

इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरानी लोगों के समर्थन में खड़ा होनी की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी ऐसे व्यक्ति के साथ खड़ा है जो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में शामिल है और स्वतंत्र रूप से जुड़ने के अपने अधिकारों का प्रयोग करने की कोशिश कर रहा है।

बता दें कि गुरुवार रात को ईरान की राजधानी में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। भारी विरोध प्रदर्शन के तुरंत बाद ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें काट दी गईं।