Highest Defence Budget in World: किसी भी देश की सैन्य ताकत उसके रक्षा बजट से भी आंकी जाती है। इससे ये भी पता लगाया जा सकता है कि वो देश खुद को मजबूत और ताकतवर बनाने के लिए कितना खर्च कर रहा है। यहां हम आपको उन देशों के बारे में बता रहे हैं जो अपने रक्षा बजट में सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
Highest Defence Budget in World: दुनिया में इस समय सबसे ज्यादा ताकतवर बनने की होड़ छाई है। हर एक देश दूसरे देश से इस प्रतिस्पर्धा में है वो उससे कितना ताकतवर है। खासतौर पर इस समय जो वैश्विक परिदृष्य चल रहा है उस लिहाज़ से ये जानना बेहद अहम हो जाता है कि आखिर दुनिया में कौन सा देश खुद को ताकतवर करने में अपनी जी-जान लगा रहा है। किसी भी देश की सैन्य ताकत उसके रक्षा बजट (Defence Budget) से भी आंकी जाती है। इससे ये भी पता लगाया जा सकता है कि वो देश खुद को मजबूत और ताकतवर बनाने के लिए कितना खर्च कर रहा है। तो आपको बता दें कि भारत का रक्षा बजट (India Defence Budget) दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा है। यानी भारत अपने सैन्य और हथियारों में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों में चौथे नंबर पर है। साल 2023-24 के केंद्रीय बजट के मुताबिक भारत का रक्षा बजट 6,21,541 करोड़ रुपये हैं। अब आपको बता दें कि भारत को अपना दुश्मन समझने वाले चीन और पाकिस्तान का क्या हाल है और इस लिस्ट में सबसे ऊपर कौन है?
SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका (Defence Budget of USA) के पास सबसे ज्यादा रक्षा बजट है जो लगभग 913 अरब डॉलर, उसके बाद दूसरे नंबर पर चीन जिसका बजट 296 अरब डॉलर, फिर तीसरे नंबर पर रूस जिसका बजट 109 अरब डॉलर है। रूस के बाद इस लिस्ट में भारत का नंबर है। वहीं पाकिस्तान ने इस साल अपने रक्षा बजट में 15 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है जो अब 2,122 अरब रुपए हो गया है।
1. एक मजबूत रक्षा बजट देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करता है। ये बाहरी आक्रमणों, आतंकवाद, और अन्य सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए जरूरी है।
2. कई देश अपनी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल अपने क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव को बढ़ाने के लिए करते हैं।
3. रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा नई तकनीकों के विकास और रिसर्च पर खर्च किया जाता है। GPS और इंटरनेट जैसे तकनीक पर भी रक्षा बजट से खर्चा किया जाता हैं।
4. रक्षा बजट अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रक्षा उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करता है और कई देशों की आर्थिक रणनीतियों का एक प्रमुख घटक है।
5. नाटो (NATO) और अन्य सैन्य गठबंधनों का हिस्सा होने के नाते, सदस्य देशों को अपनी सैन्य क्षमताओं को बनाए रखना पड़ता है। यह सहयोगी देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करता हैं।
6. कई देशों में रक्षा बजट का उपयोग आंतरिक सुरक्षा और नागरिक शांति बनाए रखने के लिए भी किया जाता है। यह विशेष रूप से उन देशों में महत्वपूर्ण है जहां आंतरिक विद्रोह और अस्थिरता की समस्याएं रहती हैं।
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