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होर्मुज के तनाव पर भारत की दो टूक, कहा- जहाजों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं

India in UN: भारत के स्थायी प्रतिनिधि एम्बेसडर हरीश पी ने कहा कि समुद्री सुरक्षा भारत के ऊर्जा और आर्थिक हितों के लिए बेहद अहम है।
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Updated: 17 Apr 2026, 9:09 AM IST
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तनाव पर भारत ने दी प्रतिक्रिया (Photo-IANS)

Strait of Hormuz India: अमेरिका और ईरान युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बरकरार है। पाकिस्तान में दोनों देशों की बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की हालात पर भारत ने चिंता जताई है। भारत ने सुरक्षित नौवहन की तत्काल बहाली की मांग करते हुए सभी पक्षों से संयम और तनाव कम करने की अपील की।

जहाजों को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण

संयुक्त राष्ट्र महासभा में मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बहस को संबोधित करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि एम्बेसडर हरीश पी ने कहा कि समुद्री सुरक्षा भारत के ऊर्जा और आर्थिक हितों के लिए बेहद अहम है।

उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाज भारत के लिए विशेष चिंता का विषय हैं। इस संघर्ष में इन जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

भारत ने जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे कदम पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। हरिश ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नाविकों की जान खतरे में डालना या नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना स्वीकार्य नहीं है।

होर्मुज में बिना बाधा के आवागमन हो बहाल- भारत

इस दौरान भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार और आवागमन बिना किसी बाधा के जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।

हरीश पी ने यह भी बताया कि इस संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। हरिश ने कहा कि इस दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की जान भी गई है।

ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का जिक्र करते हुए भारत ने एक बार फिर सभी देशों से संयम बरतने, हालात को न बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।

तनाव कम करने पर करे बातचीत

बहस को संबोधित करते हुए भारत ने संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की भी मांग की है। हरीश पी ने कहा कि सभी देशों को आपसी बातचीत के माध्यम से तनाव कम करने की दिशा में काम करना चाहिए।

होर्मुज में तनाव बरकरार

बता दें कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद इन देशों के बीच युद्ध शुरू हो गया। ईरान ने होर्मुज को जहाजों के लिए बंद कर दिया। जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट हो गया। वहीं पाकिस्तान में ईरान अमेरिका के बीच वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी।

Updated on:
17 Apr 2026, 9:09 AM IST
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