
Iranian embassy statement: भारत में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दूतावास ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। ईरानी दूतावास ने दावा किया कि अमेरिका इस तरह के बयान देकर हाल ही में भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
दूतावास के मुताबिक, एक सप्ताह से भी कम समय में अमेरिका ने तीन भारतीय जहाजों को निशाना बनाया। इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इन घटनाओं को ईरान ने क्रूर और निंदनीय बताया है। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया 'X' अकाउंट पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह गलत है और यह जनता का ध्यान वास्तविक घटनाओं से हटाने का प्रयास है।
भारत द्वारा अमेरिकी राजदूत को तलब किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पास तीन भारतीय जहाजों पर हमलों के पीछे ईरान था। इन हमलों में तीन भारतीयों की मौत हो गई। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के आरोप से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की थी कि ये हमले अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ईरान ने भारत के नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की और उन्हें क्रूर बताया। ईरान ने वाशिंगटन पर कानूनविहीन आचरण का आरोप लगाया, जो वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 'X' पर बयान जारी करते हुए हमलों में मारे गए भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया ‘X’ पर पोस्ट में लिखा, 'भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिका के क्रूर हमले, जिनमें कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई, अमेरिका की सशस्त्र डकैती और समुद्री लूट की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं। हम मृत भारतीय नाविकों के परिवारों और मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हम भारतीय जनता एवं सरकार के प्रति अपनी हार्दिक शोक-संवेदना प्रकट करते हैं।'