
US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में पहले दौर की वार्ता खत्म हो गई है। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंधों में छूट दी गई है और विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों का एक हिस्सा भी जारी कर दिया गया है।
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने यह भी ऐलान किया कि ईरान में एक बड़े पुनर्निर्माण और विकास कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। हालांकि, उन्होंने जारी की गई संपत्तियों या पुनर्निर्माण योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी शेयर नहीं की है।
इस बीच, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के आर्थिक विशेषज्ञ हुसैन घोरबनजादेह ने बताया कि अमेरिकी प्रतिबंधों से अस्थायी राहत देने के लिए ईरानी तेल और उससे जुड़े उत्पादों पर एक मसौदा समझौता तैयार किया गया है।
अराघची ने कहा कि इस समझौते की पहली वास्तविक परीक्षा लेबनान के लिए बनाई गई डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल होगी। कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के अनुसार, इस व्यवस्था पर अमेरिका और ईरान दोनों सहमत हो गए हैं, जिसका उद्देश्य लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करने में मदद करना है।
पहले दौर की वार्ता समाप्त होने के बाद ईरान ने यह भी बताया कि दिन में एक समय बातचीत लगभग पटरी से उतर गई थी, जिससे यह साफ हो गया कि ये वार्ताएं अब भी बेहद नाजुक स्थिति में हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया तस्नीम के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी भरी टिप्पणियां मीडिया में आने के बाद ईरान ने रविवार की बातचीत आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि बातचीत के दौरान अमेरिका की ओर से एक धमकी भरा बयान सामने आया, जिसके बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसी परिस्थितियों में वह बातचीत जारी रखने के लिए तैयार नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी मीडिया तस्नीम के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों ने अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत की रूपरेखा पर चर्चा की।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान इस बात पर सहमत हुए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।