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सीज़फायर बढ़ते ही होर्मुज स्ट्रेट में घमासान! ईरान ने कार्गो शिप पर किया हमला

Iran-US Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से सीज़फायर बढ़ा दिया है। इसी बीच अब ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो शिप पर हमला कर दिया है।

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Apr 22, 2026
Strait of Hormuz
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ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा है कि सीज़फायर तब तक जारी रहेगा जब तक दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हो जाता। हालांकि एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान को सिर्फ 3-5 दिन की मोहलत दी गई है। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि सीज़फायर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकेबंदी बरकरार रहेगी, जिसकी वजह से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है। इसी बीच अब होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर घमासान मच गया है।

ईरान ने कार्गो शिप पर किया हमला

कुछ देर पहले ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो शिप पर हमला कर दिया। यह हमला ओमान (Oman) के पास हुआ, जिसकी जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने दी। जानकारी के अनुसार कार्गो शिप के मास्टर ने रिपोर्ट दी कि आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) की एक गनबोट ने प्रोजेक्टाइल से शिप पर हमला किया, जिससे उस पर मौजूद कुछ कंटेनरों को नुकसान पहुंचा। हालांकि कार्गो शिप में आग नहीं लगी और न ही चालाक दल का कोई सदस्य इस हमले में हताहत हुआ।

यूकेएमटीओ ने जारी की एडवाइज़री

कार्गो शिप पर हमले के बाद यूकेएमटीओ ने होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों के लिए एडवाइज़री जारी की है। जहाजों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस जलमार्ग में जोखिम बना हुआ है।

होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की मांग

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की मांग की है। ईरान के अनुसार अमेरिका से बातचीत और किसी भी समझौते पर पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी है। ईरान ने यह भी कह दिया है कि जब तक अमेरिका नाकेबंदी नहीं हटाएगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला जाएगा। इस दौरान इस जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाजों पर हमले का जोखिम भी बना रहेगा।