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आज ही ईरान के साथ साइन हो चुकी है अमेरिका की डील, क्या है नई शर्त? जेडी वेंस ने खोला राज

अमेरिका और ईरान के बीच डिजिटल डील साइन हो गई। जेडी वेंस ने कहा - कोई नया पैसा नहीं मिलेगा, न्यूक्लियर कार्यक्रम छोड़ना होगा।

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Jun 15, 2026
US Vice President JD Vance on Tehran Nuclear Deal.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Photo - IANS)

अमेरिका-ईरान के बीच हुई नई डील सोमवार को ही इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन हो चुकी है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि डील हो गई है, लेकिन ईरान को अभी कोई नया पैसा नहीं मिला है और आगे भी नहीं मिलेगा।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ऐलान किया कि डील का औपचारिक साइनिंग स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को होगा।

उन्होंने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने की प्रक्रिया उसी दिन शुरू होगी, जिससे इलाके और पूरी दुनिया में तेल की आवाजाही फिर से आसान हो जाएगी।

स्ट्रेट को लंबे समय तक टोल-फ्री रखने का मामला

इस मामले में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि स्ट्रेट को लंबे समय तक टोल-फ्री (बिना किसी टैक्स या टोल) रखने का मुद्दा अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया- हमारा इरादा है कि स्ट्रेट लंबे समय के लिए बिना टोल के खुले, लेकिन इसके लिए टेक्निकल बातचीत चल रही है। कई छोटी-छोटी महत्वपूर्ण बातें अभी तय करनी बाकी हैं।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर अभी भी असमंजस

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से जुड़े मीडिया ने दावा किया है कि ईरान ने सिर्फ 60 दिनों के लिए स्ट्रेट को फ्री ट्रांजिट देने पर हामी भरी है। उसके बाद फिर टोल लगाने की तैयारी है।

इस पर वेंस ने कहा कि इस पर और चर्चा होगी। उधर, ट्रंप का कहना है कि स्ट्रेट खुलने से माइन हटाने का काम शुरू होगा। यह पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है क्योंकि हॉर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का बहुत बड़ा तेल निर्यात होता है।

ईरान को दुनिया की अर्थव्यवस्था में शामिल होने का लालच

जेडी वेंस ने एबीसी के 'गुड मॉर्निंग अमेरिका' में कहा कि यह डील ईरान के लिए एक बड़ा मौका है। अमेरिका ईरान को कह रहा है कि अगर तुम न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाओगे तो हम तुम्हें बिना सैंक्शन वाली अर्थव्यवस्था में शामिल होने देंगे।

वेंस ने इसे 'लिवरेज पॉइंट' यानी दबाव बनाने का जरिया बताया। उन्होंने कहा- ईरान को फैसला करना है कि उन्हें दुनिया की अर्थव्यवस्था में शामिल होना है या नहीं। अगर हां, तो उन्हें अपना लंबे समय का न्यूक्लियर प्लान छोड़ना पड़ेगा।

वेंस ने कहा- यही हमारा एनफोर्समेंट मैकेनिज्म है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डील साइन हो चुकी है लेकिन कोई नया फंड रिलीज नहीं हुआ है। ईरान को सिर्फ वादों पर अमल करने पर ही फायदा मिलेगा।

Published on:
15 Jun 2026 09:32 pm