विदेश

ईरान बोला- हमने 47 साल की मेहमाननवाजी खत्म की, अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज पर लगेगा टोल

Iran ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले सभी जहाजों पर शुल्क अनिवार्य किया। इब्राहिम अजीजी ने 47 साल की मेहमाननवाजी खत्म बताई, जबकि अमेरिका से बातचीत और युद्ध विराम के संकेत भी दिए।

2 min read
Apr 27, 2026
तेल मार्ग पर ईरान का नियंत्रण

Iran Customs Regulations: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक तरफ शांति की उम्मीदें जग रही हैं, तो दूसरी तरफ ईरान (Iran) के भीतर से आ रहे अलग-अलग बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया है। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरानी नेताओं के विरोधाभासी रुख ने कूटनीतिक कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य इब्राहिम अजीजी (Ebrahim Azizi) ने साफ कहा है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को शुल्क देना होगा। उन्होंने ग्रीस के राष्ट्रीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में इसे नया समुद्री नियम के बारे में बताया।

ये भी पढ़ें

2023 में खरीदा था पिस्टल, फिर 2025 में खरीदा शॉर्टगन, ट्रंप पर हमला करने वाला निकला बंदूकों का शौकीन

अजीजी ने कहा हर जहाज को शुल्क देना होगा

अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी लिखा की 'हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि 47 सालों की मेहमाननवाजी अब खत्म हो चुकी है। जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरेगा, उसे शुल्क देना होगा। आज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान की ताकत का अहम आधार बन चुका है।

पहला शुल्क देश के केंद्रीय बैंक में जमा

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस नए फैसले के तहत वसूला गया पहला शुल्क देश के केंद्रीय बैंक के खाते में जमा भी हो चुका है। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि ईरान यह पैसा बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्रा में ले रहा है, लेकिन अब इन अटकलों को खारिज कर दिया गया है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हामिदरेजा हाजीबाबाई ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा स्ट्रेट ऑफ होरमज ईरान की जनता का है। इस पर किसी बाहरी ताकत का कोई हक नहीं है। जो भी जहाज यहां से गुजरेगा, उसे ईरानी मुद्रा में शुल्क देना ही होगा।

होरमज को दोबारा खोलने पर चर्चा

ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के जरिए यह प्रस्ताव वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया है। इस प्रस्ताव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई है। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को फिलहाल टालने का सुझाव भी दिया गया है। इसे लंबे समय से जारी युद्ध में संभावित समाधान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी हलचल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि ईरान बातचीत के लिए आगे आ सकता है। इसके बाद से कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद यह तनाव और बढ़ गया था।

ये भी पढ़ें

हिज़बुल्लाह ने इज़रायल को दी धमकी – ‘एकतरफा सीज़फायर बर्दाश्त नहीं’
Published on:
27 Apr 2026 01:50 pm
Also Read
View All