Iran War: ईरान और इजरायल के बीच तनाव 28 फरवरी को युद्ध में बदल गया था और करीब एक महीने बाद 8 अप्रैल को संघर्ष विराम लागू हुआ था। इस कड़ी में अब नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू युद्ध के दौरान यूएई गए थे।
Iran-Israel-america war: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध में रोजाना नए अपडेट सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक ऐसी जानकारी सामने आई हैं, जिससे ईरान को झटका लग सकता है। ईरान के साथ हालिया युद्ध के दौरान इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच पर्दे के पीछे क्या चल रहा था, इसे लेकर अब नई जानकारियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इजरायल के सरकारी टीवी चैनल Kan TV की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के दौरान इजरायली सेना प्रमुख इयाल जामिर ने चुपचाप यूएई का दौरा किया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और वहां के कई बड़े सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की।
हालांकि रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि यह दौरा किस तारीख को हुआ था। बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच तनाव 28 फरवरी को युद्ध में बदल गया था और करीब एक महीने बाद 8 अप्रैल को संघर्ष विराम लागू हुआ था। इससे पहले बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने भी दावा किया था कि नेतन्याहू ने युद्ध के दौरान गुप्त रूप से यूएई का दौरा किया था। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बरनिया और घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी भी चुपचाप यूएई पहुंचे थे। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
दरअसल, अब्राहम समझौते के बाद पिछले कुछ वर्षों में UAE, इजरायल का मध्य पूर्व में एक अहम साझेदार बनकर उभरा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, पर्यटन और सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ा है। क्षेत्र में तनाव और संघर्ष के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन बैठकों में सिर्फ सामान्य कूटनीतिक मुद्दों पर बात नहीं हुई होगी। माना जा रहा है कि चर्चा का केंद्र क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान की गतिविधियां, आर्थिक सहयोग और पश्चिम एशिया की बदलती राजनीतिक स्थिति भी रही होगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। फिर से उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे अब पाकिस्तान दुविधा में पड़ सकता है। चीन से लौटते वक्त मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ युद्ध रोकना नहीं चाहते थे, सीजफायर उनकी अपनी मर्जी से नहीं बल्कि दूसरे देशों के कहने पर किया गया।अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्धविराम करके उन्होंने पाकिस्तान पर बड़ा एहसान किया है।