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ईरान की 5 मिसाइलों से बार-बार बच रहा इजराइल, भारी नुकसान के बावजूद इन्हीं ताकतों के दम पर अड़ी ईरानी सेना

Iran Missile Capability: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की मिसाइल ताकत चर्चा में, हजारों हमलों के बावजूद 50% क्षमता बरकरार, जानें 5 खतरनाक मिसाइलों के बारे में जिनके दम पर अमेरिका और इजरायल को चुनौती दे रहा है।

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Apr 04, 2026
Iran Missile Capability, Iran US Israel War News

Iran Missile Capability, Iran US Israel War News: मिडिल ईस्ट इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। एक तरफ अमेरिका के 12 हजार से ज्यादा हमले, दूसरी तरफ ईरान जो अब भी झुकने को तैयार नहीं है। हैरानी की बात यह है कि भारी तबाही के बावजूद तेहरान की मिसाइल ताकत अभी भी आधी से ज्यादा बची हुई है। यही वजह है कि इजरायल और खाड़ी देशों में लगातार खतरे की घंटी बज रही है। सवाल उठता है आखिर ऐसी कौन सी मिसाइलें हैं जिनके दम पर ईरान सुपरपावर देशों के सामने डटा हुआ है? चलिए जानते हैं।

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हमलों के बावजूद ताकत बरकरार

अमेरिकी हमलों के बाद भी ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है। अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के आकलन के अनुसार, उसकी करीब 50 प्रतिशत मिसाइल क्षमता अब भी बची हुई है। यही वजह है कि ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई करने की स्थिति में बना हुआ है और संघर्ष को लंबा खींचने की क्षमता रखता है। उसकी मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और इजरायल जैसे देशों में भी असर दिखाया है।

मिसाइलों ने बदली युद्ध की रणनीति

ईरान ने पारंपरिक युद्ध के बजाय मिसाइल और ड्रोन आधारित रणनीति को प्राथमिकता दी है। मजबूत वायुसेना के अभाव के बावजूद उसने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के दम पर अपनी ताकत साबित की है। यह एक तरह का 'डिटरेंस मॉडल' है, जिसमें मिसाइलों का इस्तेमाल सीधे हमले से ज्यादा दुश्मन को रोकने के लिए किया जाता है। इस मॉडल ने दिखाया है कि सीमित संसाधनों वाला देश भी बड़े देशों को चुनौती दे सकता है।

2022 के आंकड़ों के मुताबिक, क्रूज मिसाइलों को छोड़कर ईरान के पास 3000 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जो इसे मध्य पूर्व का सबसे बड़ा और विविध मिसाइल भंडार बनाती हैं। पिछले एक दशक में ईरान ने अपनी मिसाइलों की सटीकता और अचूकता में भी काफी सुधार किया है।

चलिए जानते हैं उन 5 मिसाइलों के बारे में जिनके दम पर ईरान इस युद्ध में अभी भी डटा हुआ है।

1. खुर्रमशहर मिसाइल

ईरान की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में खुर्रमशहर प्रमुख है। इसकी मारक क्षमता करीब 2000 किलोमीटर तक मानी जाती है और यह भारी वारहेड ले जाने में सक्षम है।

2. इमाद मिसाइल

इमाद मिसाइल अपनी सटीकता के लिए जानी जाती है। यह लंबी दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है और इसे ईरान की उन्नत गाइडेड मिसाइलों में गिना जाता है।

3. सज्जील मिसाइल

सज्जील एक सॉलिड फ्यूल बैलिस्टिक मिसाइल है, जो तेजी से लॉन्च होने की क्षमता रखती है। इसकी रेंज भी 1500 से 2000 किलोमीटर के बीच मानी जाती है।

4. फतह हाइपरसोनिक मिसाइल

फतह मिसाइल ईरान के सबसे आधुनिक हथियारों में शामिल है। यह करीब 1400 किलोमीटर तक मार कर सकती है और इसकी गति ध्वनि की गति से 15 गुना तक बताई जाती है। इसकी रफ्तार और मैन्युवरिंग क्षमता इसे रोकना बेहद मुश्किल बनाती है।

5. खैबर शिकन मिसाइल

खैबर शिकन मिसाइल मध्यम दूरी की श्रेणी में आती है और इसकी रेंज लगभग 1450 किलोमीटर है। इसे मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है, जिससे इसे ट्रैक करना कठिन हो जाता है।

एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा दबाव

ईरान की इन मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिका और इजरायल ने थाड, आयरन डोम, पैट्रियट (PAC-3), एरो सीरीज, SM मिसाइलें और डेविड्स स्लिंग जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। इसके बावजूद इन सिस्टम पर लगातार दबाव बना हुआ है और सभी मिसाइलों को रोक पाना आसान नहीं साबित हो रहा। इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक भी तेजी से खपत में आ रहा है।

मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यह संघर्ष सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं, बल्कि रणनीति, तकनीक और संसाधनों की लड़ाई भी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाता है।

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