
तेहरान। अमेरिकी और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया, लेकिन उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के कारण देश के नए नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हमले में खुद भी घायल बताए जा रहे मुजतबा के नाम से अब तक एक दर्जन से अधिक लिखित संदेश जारी हो चुके हैं, जिनमें से एक में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखतों को 'बेकार और अमान्य' बताते हुए अमेरिका को 'न भूलने वाला सबक' सिखाने की धमकी दी थी।
हालांकि, 28 फरवरी के उस हमले के बाद से, जिसमें मुजतबा की पत्नी जहरा हद्दाद अदेल और परिवार के अन्य सदस्य मारे गए थे, मुजतबा के जीवित होने की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं कई ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वह हमले में घायल हो गए थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह पब्लिक में आने से पहले ठीक होने का इंतजार कर रहे है।
ईरान इंटरनेशनल की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को हाल ही में तेहरान में एक अज्ञात जगह पर ले जाया गया। वहां काली और गहरे रंग की खिड़कियों वाली एक गाड़ी की पिछली सीट पर बैठाकर उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से कराई गई, जिसे 'सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई' बताया गया।
रिपोर्ट का दावा है कि सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को एक-दूसरे को देखने या हाथ मिलाने तक की इजाजत नहीं दी और बातचीत केवल आवाज के जरिए हुई। बाद में पेजेशकियन ने खुद अपनी करीबी मंडली में संदेह जताया कि क्या वह आवाज वाकई मुजतबा खामेनेई की थी। यद्यपि सार्वजनिक रूप से पेजेशकियन ने व्यापारिक प्रतिनिधियों से कहा था कि उनकी सर्वोच्च नेता के साथ 'अच्छे माहौल' में ढाई घंटे बातचीत हुई।
इजरायली मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि मुजतबा खामेनेई की हालत अत्यंत चिंताजनक है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इजरायल के चैनल 14 और जेरूसलम पोस्ट ने ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया कि सत्ता के गलियारों में उनके 'जल्द निधन' की खबरें सामने आ सकती हैं। दूसरी ओर, सऊदी समाचार आउटलेट 'अल-हदथ' ने इजरायली सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मुजतबा खामेनेई 'ईरान में मौजूद ही नहीं हैं।' सूत्रों का यह भी आरोप है कि उनके नाम से जारी होने वाले आधिकारिक संदेश वास्तव में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए प्रमुख अहमद वाहिदी और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं।
मुजतबा के लंबे समय से गायब रहने के कारण तेहरान में सत्ता का संतुलन बदलता दिख रहा है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबाफ, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस समय युद्ध के बाद की नीति तय करने वाले सबसे प्रमुख चेहरों के रूप में उभरे हैं। नेतृत्व में आए इस बदलाव ने कट्टरपंथियों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है। कट्टरपंथी खेमे का आरोप है कि ये दृश्यमान नेता अपना प्रभाव मजबूत करने के लिए पारंपरिक राज्य संस्थानों को कमजोर कर रहे हैं। इस बीच स्वयं राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने भी स्वीकार किया है कि सर्वोच्च नेता से सीधा संपर्क साध पाना इस समय 'बेहद कठिन' बना हुआ है।