
Iran-US Agreement: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे कई महीनों की बातचीत और निरंतर कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यदि समझौते के सभी प्रावधानों को सही तरीके से लागू किया गया, तो यह देश के लिए गर्व का दस्तावेज साबित हो सकता है।
ईरानी राष्ट्रपति ने समझौते को अंतिम रूप देने में शामिल अधिकारियों और संस्थाओं की भी तारीफ की है। उन्होंने संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, शूरा परिषद के सदस्यों और अन्य सहयोगियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
बता दें कि ईरानी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान इस सप्ताह के जिनेवा में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर की तैयारी कर रहे हैं।
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझौते के MoU को जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने इसे बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए कहा कि औपचारिक हस्ताक्षर के बाद इसे जारी किया जाएगा।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि समझौते को अगले 24 से 48 घंटों के भीतर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि प्रशासन इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
दोनों देशों द्वारा दस्तावेज पर डिजिटल हस्ताक्षर पहले ही किए जा चुके हैं, जबकि औपचारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को जिनेवा में आयोजित होने की संभावना है। स्विट्जरलैंड ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। स्विस विदेश विभाग के अनुसार, अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के साथ मिलकर हस्ताक्षर प्रक्रिया को सुगम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि समझौता प्रदर्शन-आधारित ढांचे पर काम करेगा और प्रतिबंधों में किसी भी तरह की राहत स्वतः नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान को समृद्ध यूरेनियम के भंडार में कमी लाने और अपने परमाणु कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय निगरानी की अनुमति देने जैसे सत्यापित कदम उठाने होंगे, तभी प्रतिबंधों में राहत पर विचार किया जाएगा।