
ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में सुरक्षा बलों और विदेशी एजेंटों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें दो लोग जो अमेरिकी और इजराइली खुफिया एजेंसियों से जुड़े बताए जा रहे हैं, वे मारे गए। राज्य प्रसारक 'आईआरआईबी' ने इंटेलिजेंस मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी है।
ईरानी इंटेलिजेंस मंत्रालय ने बताया कि ये दोनों लोग सुरक्षा बलों के साथ आमने-सामने की मुठभेड़ में मारे गए। साथ ही चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ये लोग देश में घुसने की कोशिश कर रहे थे। उनका मकसद ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान में अशांति फैलाना और वहां के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था।
सिस्तान और बलूचिस्तान ईरान का एक संवेदनशील प्रांत है। यहां पहले भी कई बार सुरक्षा चुनौतियां सामने आई हैं। स्थानीय सुरक्षा बलों ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया। मंत्रालय के अनुसार, ये लोग प्रदेश की शांति बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे।
इस घटना के बाद पूरे दक्षिण-पूर्वी इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारी लगातार निगरानी रखे हुए हैं ताकि कोई और ऐसी कोशिश न हो सके।
ईरान सरकार बार-बार कहती रही है कि विदेशी ताकतें देश के अंदर अशांति फैलाने की कोशिश करती हैं। इस बार की कार्रवाई को उन्होंने उसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
इंटेलिजेंस मंत्रालय के बयान के मुताबिक, मारे गए दोनों लोग विदेशी खुफिया एजेंसियों से जुड़े थे। गिरफ्तार चार लोगों से पूछताछ चल रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी योजना कितनी आगे बढ़ चुकी थी और क्या कोई और समूह भी इसमें शामिल था।
ईरान की मीडिया में इस घटना को देश की सुरक्षा व्यवस्था की सफलता के रूप में पेश किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। सिस्तान और बलूचिस्तान में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है। ईरान अपनी सीमाओं और अंदरूनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहता है। दक्षिण-पूर्वी प्रांत में अशांति फैलाने की कोशिशों को रोकने के लिए सुरक्षा बल नियमित रूप से कार्रवाई करते रहते हैं।
अभी तक अमेरिकी या इजराइली तरफ से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईरान अपनी तरफ से स्पष्ट कर चुका है कि सुरक्षा बलों ने इन लोगों को मुठभेड़ में मार गिराया और बाकी को गिरफ्तार कर लिया।