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इजरायल ने लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर किया कब्जा, युद्ध में अब तक 3,350 से ज्यादा मौतें

इजरायली सेना ने लेबनान में बड़ा हमला किया और ब्यूफोर्ट कैसल (Beaufort castle) पर कब्जा कर लिया है। क्रूसेडर काल के इस ऐतिहासिक किले पर इजरायली झंडा फहराने के बाद अब मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ने का खतरा चरम पर पहुंच गया है।

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May 31, 2026
ब्यूफोर्ट कैसल किला (X- Phtoto)

Israel Army Captured Beaufort Castle: इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 25 साल की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए लेबनान का एक महत्वपूर्ण ब्यूफोर्ट कैसल (Beaufort Castle) किले पर कब्जा कर लिया है। मार्च की शुरुआत में शुरू हुए इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध में इसे इजरायल की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। यह सैन्य कार्रवाई उस समय हुई, जब दोनों देशों के बीच वाशिंगटन में सीधी बातचीत जारी थी और 17 अप्रैल से युद्धविराम भी लागू था।

इजरायली सेना के अरबी प्रवक्ता अविचाय अद्राई (Avichay Adraee) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें इजरायली सैनिक किले के बाहर गश्त करते दिख रहे हैं। इसी बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज (Israel Katz) ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने किले पर इजरायली झंडा फहरा दिया है।

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खाली कराए जा रहे लेबनान के बड़े शहर

पिछले कुछ दिनों से इजरायली सेना ने अपने हमलों का दायरा बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। इजरायली सैनिक अब लिटानी नदी को पार कर चुके हैं, जो पहले दोनों देशों के बीच एक वास्तविक सीमा रेखा मानी जाती थी। इजरायल ने अब लिटानी नदी से लेकर जहरानी नदी तक के पूरे इलाके को युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है।

अब इजरायली सैनिक नबातीह शहर से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर खड़े हैं। सेना ने नबातीह के साथ-साथ लेबनान के चौथे सबसे बड़े तटीय शहर टायर (Tyre) और उसके आसपास के इलाकों के सभी नागरिकों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया गया है। हवाई हमलों के डर से लाखों लोग अपना घर-बार छोड़कर भागने को मजबूर हैं।

ड्रोन हमलों से परेशान हुआ इजरायल

इस पूरे घटनाक्रम पर हिजबुल्लाह या लेबनान सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने सीमा के पास बायादा शहर में इजरायली सैनिकों और एक मर्कवा टैंक (Merkava tank) को निशाना बनाकर दो बड़े हमले किए हैं। हिजबुल्लाह ने फाइबर ऑप्टिक ड्रोन से इजरायली सेना पर कई हमले किए है। इन ड्रोन्स को ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है और इन्हीं के जरिए इजरायल के शहरों और सैनिकों को निशाना बनाया जा रहा है।

युद्ध में अब तक 3350 से ज्यादा मौतें

इजरायल और लेबनान के बीच दुश्मनी का इतिहास साल 1948 से पुराना है। लेकिन मौजूदा युद्ध की शुरुआत इसी साल 2 मार्च को हुई थी, जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे थे। यह हमला अमेरिका और इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह के ईरान पर किए गए हमले के ठीक दो दिन बाद हुआ था। लेबनान में अब तक 3,350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और उसके आसपास कम से कम 25 इजरायली सैनिक, एक रक्षा ठेकेदार और उत्तरी इजरायल में दो नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर मौतें हिजबुल्लाह के घातक ड्रोन्स की वजह से हुई हैं।

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