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अमेरिका-ईरान युद्ध में नया मोड़! भारी तनाव के बीच इजरायल ने भारत से कर दी बड़ी अपील

Israel-Iran Tensions: ईरान की IRGC आज दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। इसलिए अब समय आ गया है कि भारत भी इस संगठन को लेकर बड़ा फैसला करे…

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May 25, 2026
इजरायल-ईरान युद्ध अपडेट। फोटो में यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू। बाएं तरफ भारत के पीएम नरेंद्र मोदी (सोर्स: पत्रिका)

Middle East War Tensions: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब इजरायल ने भारत से एक बड़ी उम्मीद जताई है। इजरायल का कहना है कि भारत अब ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करे। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका-ईरान तनाव लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

हाल ही में एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि दुनिया के कई देश IRGC की गतिविधियों और उसके रोल को लेकर पहले ही सख्त रुख अपना चुके हैं। उनका मानना है कि भारत भी इस मुद्दे पर बड़ा फैसला ले सकता है।

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अब समय आ गया है कि भारत यह फैसला ले: इजरायली अधिकारी

अधिकारी ने कहा कि IRGC आज दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। इसलिए अब समय आ गया है कि भारत भी इस संगठन को लेकर बड़ा फैसला करे, क्योंकि दुनिया के कई देश इसकी गतिविधियों और काम करने के तरीके को अच्छी तरह समझ चुके हैं।

अधिकारी के मुताबिक, IRGC का असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गतिविधियां दुनिया के कई हिस्सों में देखी जा सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब भी भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत होती है, तब यह मुद्दा उठाया जाता है।

अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना जैसे कई देश पहले ही IRGC के खिलाफ सख्त कदम उठा चुके हैं। यूरोपियन पार्लियामेंट ने भी इस संगठन पर आतंकवाद से जुड़े आरोपों और उग्रवादी समूहों को समर्थन देने को लेकर कार्रवाई की मांग की है।

कैसे काम करती है ईरान की IRGC?…जानिए

‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाइयों में से एक है। यह देश की सामान्य सेना से अलग काम करती है और सीधे सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करती है। इसकी स्थापना 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी ने की थी।

समय के साथ IRGC सिर्फ सैन्य संगठन नहीं रहा, बल्कि राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी काफी प्रभावशाली बन गया। इसके पास अपनी सेना, नेवी, एयरस्पेस यूनिट, इंटेलिजेंस टीम और स्पेशल ऑपरेशन विंग है। यह बासिज पैरामिलिट्री फोर्स और कुद्स फोर्स को भी कंट्रोल करता है, जिस पर कई पश्चिमी देशों ने अलग-अलग उग्रवादी संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाया है।

करीब 1.8 लाख सदस्यों वाला यह संगठन ईरान के मिसाइल प्रोग्राम, सीमा सुरक्षा और देश के अंदर निगरानी व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है। मानवाधिकार संगठनों और पश्चिमी देशों ने IRGC पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने के आरोप भी लगाए हैं

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