
Mali Attack: पश्चिम अफ्रीकी देश माली भीषण हमला हुआ है। इस हमले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। यह हमला मध्य माली के कई गांवों में किया गया है। इन हमलों की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े जिहादी संगठन ‘ग्रुप फॉर द सपोर्ट ऑफ इस्लाम एंड मुस्लिम्स’ यानी JNIM ने ली है। हथियारबंद आतंकियों ने गांवों में घुसकर लोगों को निशाना बनाया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की हत्या कर दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मौतों की संख्या 70 से ज्यादा है। यह आंकड़ा 80 के आस-पास पहुंच गया है।
इन हमलों की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े जिहादी संगठन ‘ग्रुप फॉर द सपोर्ट ऑफ इस्लाम एंड मुस्लिम्स’ यानी JNIM ने ली है। बताया जा रहा है कि जिन गांवों ने आतंकियों के साथ समझौता करने से इनकार किया, उन्हें खास तौर पर निशाना बनाया गया। रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह हमला इलाके में डर पैदा करने और अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश है।
जिन गांवों में हमला हुआ, वहां के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से आतंकवादी संगठनों का दबाव लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को हुई शुरुआती हिंसा में करीब 30 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी, लेकिन शुक्रवार तक हालात और बिगड़ गए। इस हमले में मौतों की संख्या और अधिक हो गई है। 25-26 अप्रैल से माली में लगातार हमलों का सिलसिला जारी है। अप्रैल के इन हमलों में रक्षा मंत्री सादियो कामारा की मौत हो गई थी।
माली की सेना के कमांडर जिब्रिला माइगा ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि अप्रैल में हुए हमलों के बाद लड़ाके फिर से एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। माइगा ने यह भी कहा था कि खतरा अभी भी बना हुआ है। सेना लगातार इसपर अटैक को रोकने के लिए काम कर रही है।
माली लंबे समय से आतंकवाद जैसी समस्या से जूझ रही है। देश के कई हिस्सों में जिहादी संगठन सक्रिय हैं और अक्सर सेना, सुरक्षाबलों व आम नागरिकों को निशाना बनाते रहते हैं। खासकर मध्य और उत्तरी इलाकों में हालात ज्यादा खराब माने जाते हैं। सरकार लगातार सैन्य अभियान चला रही है, लेकिन इसके बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही।