Measles Deaths Bangladesh: बांग्लादेश में खसरा के फैलने से अब तक 118 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं।
Bangladesh Health Crisis Measles: बांग्लादेश इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है, तेजी से फैल रही खसरे की बीमारी ने यहां हालात चिंताजनक बना दिया है। खसरे की लहर से अब तक 118 लोगों की मौत हो चुकी है और सबसे दुखद बात यह है कि इनमें ज्यादातर छोटे बच्चे शामिल हैं।
15 मार्च, 2026 से शुरू हुई यह खतरनाक लहर लगातार बढ़ती जा रही है, हर दिन नए मामलों के साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। देशभर के अस्पतालों में 2000 से ज्यादा संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव साफ नजर आ रहा है। खासतौर पर हॉस्पिटल में बच्चों की मौतों ने चिंता और बढ़ा दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजशाही मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (RMCH) में एक इंफेक्शियस बीमारी के लक्षणों के साथ दो और बच्चों की मौत हो गई, जिससे हॉस्पिटल में ऐसी मौतों की कुल संख्या 42 हो गई।
हाल ही में हुई मौतों की पुष्टि करते हुए राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रवक्ता शंकर कुमार बिस्वास ने बताया कि ये सभी मौतें रविवार से सोमवार सुबह तक, सिर्फ 24 घंटे के भीतर हुई हैं। यह जानकारी ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट में सामने आई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्वास्थ्य सिस्टम में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो खसरे को रोकने के लिए उठाए जा रहे आपातकालीन कदम ज्यादा असरदार नहीं होंगे।
DGHS में डिजीज कंट्रोल की पूर्व निदेशक बेनज़ीर अहमद ने बताया कि पिछली अंतरिम सरकार ने अचानक वैक्सीनेशन से जुड़े फंडिंग प्रोग्राम को बंद कर दिया था। इसकी वजह से खसरे के टीकों की कमी हो गई और कई बच्चों की जान चली गई।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां ‘वर्ल्ड हेल्थ डे’ पर अच्छी खबर होनी चाहिए, वहीं देश खसरे के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है। लक्ष्य 2026 तक खसरा-रूबेला खत्म करना है, लेकिन अस्पतालों में मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, 2024 के अंत में प्रस्तावित विशेष टीकाकरण अभियान भी राजनीतिक बदलाव के कारण शुरू नहीं हो सका।
हेल्थ अधिकारियों के मुताबिक, अंतरिम सरकार ने ऐसा कोई ड्राइव शुरू नहीं किया, जबकि वैक्सीन लगाने वाले वर्कर 2025 में तीन बार हड़ताल पर चले गए, जिससे रेगुलर वैक्सीनेशन प्रोग्राम में रुकावट आई।
एक अधिकारी ने बताया कि पैसों की कमी के कारण जनवरी से कुछ इलाकों में टीकों की कमी हो गई, इसलिए सीमित मात्रा में ही वैक्सीन देनी पड़ी।
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट मुश्ताक हुसैन ने कहा कि सरकार ने खसरा के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इमरजेंसी टीकाकरण अभियान शुरू किया है, लेकिन लंबे समय तक हालात सुधारने के लिए हेल्थ सिस्टम में और बदलाव जरूरी हैं।
विशेषज्ञों ने सरकार से तुरंत कदम उठाने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं की गई, तो खसरा तेजी से फैल सकता है, क्योंकि एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों को बीमार कर सकता है।