क्या Mojtaba Khamenei जीवित हैं? डोनाल्ड ट्रंप के चौंकाने वाले बयान और कुवैती अखबार के दावों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। जानें मोजतबा खामेनेई के रूस में इलाज और हमले में घायल होने की पूरी सच्चाई।
Mojtaba Khamenei: ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर इन दिनों कई तरह के दावे सामने आ रहे हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में कहा गया है कि हालिया हमलों में घायल होने के बाद उन्हें गुप्त रूप से रूस ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। हालांकि ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है।
कुवैती अखबार अल-जरिदा की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई को गंभीर चोट लगने के बाद रूस ले जाया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें 12 मार्च को रूसी सैन्य विमान से मॉस्को पहुंचाया गया, जहां उनके पैर की गंभीर चोट का ऑपरेशन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक सर्जरी सफल रही और फिलहाल वह मॉस्को में एक सुरक्षित अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत के दौरान मोजतबा खामेनेई के इलाज की पेशकश की थी। इसके बाद उन्हें रूस ले जाने की व्यवस्था की गई।
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका-इजराइल के शुरुआती हमलों के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे। इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक उस हमले में उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि उन्होंने अपना एक पैर खो दिया है। हालांकि इन दावों की किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मोजतबा खामेनेई को लेकर बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसी खबरें मिल रही हैं कि शायद मोजतबा खामेनेई अब जिंदा भी नहीं हैं।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं। अब तक किसी ने उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा है। मैं सुन रहा हूं कि वह जिंदा नहीं हैं।''
हालांकि ईरान सरकार ने इन दावों को खारिज किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मोजतबा खामेनेई को लेकर फैल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
फिलहाल मोजतबा खामेनेई की वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन इनमें से किसी भी दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिससे उनके ठिकाने और स्वास्थ्य को लेकर रहस्य बना हुआ है।