Munir Arrives in Iran: एक तरफ पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं। दूसरी तरफ ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। पढ़ें पूरी खबर...
PM Netanyahu Gets Angry on Trump: ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच दरार साफ नजर आने लगी है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत का रास्ता अपनाना चाहते हैं तो दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फिर से हमला करने की हसरत पाले हुए हैं। इस तनाव के बीच पाकिस्तान मध्यस्थता की बड़ी भूमिका निभाना चाहता है।
पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर तेहरान पहुंच गए हैं। ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA ने यह जानकारी दी। इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी इस हफ्ते दूसरी बार तेहरान गए और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में पाकिस्तान अहम कड़ी बनकर उभरा है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संदेशों का आदान-प्रदान पाकिस्तान के जरिए हो रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अमेरिका की तरफ से आए प्रस्ताव की समीक्षा ईरान कर रहा है। नकवी की मुलाकात में क्षेत्रीय हालात, ईरान-अमेरिका अप्रत्यक्ष वार्ता और डिप्लोमेटिक कोशिशों पर चर्चा हुई। अब आसिम मुनीर की यात्रा से उम्मीद जगी है कि शांति की दिशा में कुछ ठोस प्रगति हो सके।
ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सही जवाब नहीं मिला तो हालात बहुत तेजी से बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, "सब कुछ सीमा रेखा पर है। अगर सही जवाब नहीं मिला तो हम तैयार हैं।" उनके डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने और सख्त लहजे में कहा कि ईरान को या तो अमेरिका को मंजूर समझौता करना होगा या फिर ऐसी सजा मिलेगी जो आधुनिक इतिहास में नहीं देखी गई।
ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर प्रस्तावित हमले को टाल दिया। सूत्र बताते हैं कि कतर, UAE समेत कई अरब देशों की अपील पर यह फैसला लिया गया। अब 30 दिन की नई बातचीत का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे मुद्दे शामिल हैं।लेकिन इजरायल इस पूरी प्रक्रिया से खुश नहीं है। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हालिया फोन कॉल काफी तनाव भरी रही। नेतन्याहू ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म करने के लिए दोबारा हमले चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि फोन कॉल के बाद नेतन्याहू बेहद गुस्से में थे।