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Nepal Election: नेपाल के बीरगंज में भड़की हिंसा, अनिश्चितकाल के लिए Curfew लागू

Nepal violence: नेपाल के बीरगंज में दो युवा गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

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Feb 23, 2026
नेपाल के बीरगंज में कर्फ्यू लगा, चप्पे चप्पे पर सुरक्षा। (सांकेतिक फोटो: ANI)

Curfew in Birgunj : नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनावों से पहले (Nepal election 2026) सियासी और सामाजिक माहौल गरमाने लगा (Birgunj curfew)है। रविवार शाम को परसा जिले (Parsa district news) के बीरगंज महानगरपालिका क्षेत्र में दो युवा गुटों के बीच अचानक हिंसक झड़प (Nepal violence)हो गई। स्थिति को बेकाबू होता देख स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सोमवार (23 फरवरी 2026) सुबह 9:45 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू (Curfew in Birgunj) लगा दिया है। यह आदेश अगले निर्देश तक लागू रहेगा। मुख्य जिला अधिकारी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन अधिनियम, 2028 की धारा 6(ए) के तहत की गई है। कर्फ्यू के दायरे में पूर्व में बाईपास रोड, पश्चिम में सिरसिया नदी, उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक का इलाका शामिल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन इलाकों में किसी भी नागरिक के बेवजह घूमने, भीड़ इकट्ठा करने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने या घेराबंदी करने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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कर्फ्यू : इन लोगों को मिलेगी छूट (Curfew in Birgunj)

आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को कर्फ्यू से बाहर रखा है। एंबुलेंस, दमकल गाड़ियां, शव वाहन, ड्यूटी पर जा रहे स्वास्थ्य कर्मियों और मीडियाकर्मियों को आवाजाही की अनुमति होगी। इसके अलावा, पहले से तय परीक्षा देने जा रहे छात्रों, परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों, विदेशी पर्यटकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वैध टिकट वाले हवाई यात्रियों को भी अपना पहचान पत्र दिखाने पर नहीं रोका जाएगा।

कर्फ्यू से आम जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया (security forces deployment)

बीरगंज में अचानक लगे इस कर्फ्यू से आम जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थानीय लोगों में डर और असमंजस का माहौल है। बाजार बंद होने से व्यापारियों ने चिंता जताई है कि चुनाव के ऐन वक्त पर ऐसी स्थिति से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं, नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि उपद्रवियों पर जल्द से जल्द काबू पाकर शहर में शांति बहाल की जाए ताकि वे अपने रोजमर्रा के काम कर सकें।

चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात

हिंसा के तुरंत बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है ताकि शहर में दोबारा कोई अप्रिय घटना न घटे। छूट वाले वाहनों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए चौराहों पर पुलिस मुस्तैद है। प्रशासन दोनों गुटों के जिम्मेदार लोगों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है ताकि बातचीत के जरिए तनाव को खत्म किया जा सके।

बवाल का सबसे बड़ा और संवेदनशील पहलू नेपाल के आगामी चुनाव

इस पूरे बवाल का सबसे बड़ा और संवेदनशील पहलू नेपाल के आगामी चुनाव हैं। 5 मार्च को होने वाले मतदान से पहले शांति व्यवस्था बनाए रखना नेपाल सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यही कारण है कि चुनाव आयोग और सरकार ने मिलकर 3 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों (पुलिस, सेना और चुनाव पुलिस) को मैदान में उतारा है। खासकर दक्षिणी मैदानी इलाकों (तराई क्षेत्रों) में विशेष नजर रखी जा रही है। बीरगंज की घटना के बीच ही काठमांडू पुलिस अकादमी से 3000 से ज्यादा जवान बसों में भरकर अलग-अलग संवेदनशील जिलों के लिए रवाना किए गए हैं। ( इनपुट: ANI )

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