
Nepal Flood Bank Vaults: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। इस बीच नेपाल पुलिस के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बाढ़ के पानी में कम से कम 20 बैंकों की तिजोरियां बह गई हैं या भारी मलबे के नीचे दब गई हैं। इनमें बड़ी मात्रा में नकदी और दूसरी कीमती चीजें रखी थीं। पुलिस अब लापता लोगों की तलाश के साथ इन तिजोरियों को भी खोजने और सुरक्षित करने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ जगहों पर बहकर आई तिजोरियों को तोड़कर नकदी चोरी करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
नेपाल पुलिस के डीआईजी अभि नारायण काफ्ले के मुताबिक, बाढ़ से रसुवा, धादिंग, चितवन और दूसरे इलाकों में कई बैंक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कुछ बैंक की तिजोरियां बाढ़ के पानी में बह गईं। कई तिजोरियां भारी कीचड़ और मलबे के नीचे दब गईं। काफ्ले ने कहा कि पुलिस की पहली प्राथमिकता बाढ़ में लापता लोगों को तलाशना है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है। पुलिसकर्मी अब बैंकों की तिजोरियों को खोजकर सुरक्षित करने में पूरी ताकत लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में लोगों ने बहकर आई तिजोरियों को तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी चोरी कर ली।
धादिंग जिले में पुलिस ने हाल ही में 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर अपर रसुवा इलाके से बाढ़ में बहकर आई एक बैंक की तिजोरी से 92 लाख नेपाली रुपये चोरी करने का आरोप है। एक अन्य मामले में पुलिस ने रविवार शाम त्रिशूली स्थित कृषि विकास बैंक की धुंगे शाखा की तिजोरी सुरक्षित की। डीआईजी काफ्ले के मुताबिक, इस तिजोरी को सुरक्षित करने में पुलिसकर्मियों को करीब 8 घंटे लगे।
तिजोरी में 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद थे। इसके अलावा उसमें दूसरी कीमती चीजें भी थीं। इनमें करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना भी शामिल था।
पुलिस ने नुवाकोट में कृषि विकास बैंक की एक अन्य तिजोरी को भी सुरक्षित कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में ऐसी कई तिजोरियों की तलाश अभी जारी है। नेपाल पुलिस ने राहत और बचाव अभियान में बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया है। नेपाल पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान में 7,894 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पुलिस के सामने एक साथ कई चुनौतियां हैं। एक तरफ लापता लोगों को तलाशने और राहत पहुंचाने का काम चल रहा है। दूसरी तरफ बैंकों की बह गई या मलबे में दबी तिजोरियों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है ताकि उनमें मौजूद नकदी और कीमती सामान गलत हाथों में न जाए।