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इजरायल का सच आएगा सामने, भारत के करीबी नेतन्याहू आखिर UN में क्या राज खोलेंगे ?

Netanyahu UN Speech: इजरायल के पीएम नेतन्याहू UNGA 2025 में फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता का कड़ा विरोध करेंगे और इजरायल की सैन्य उपलब्धियों व ईरान के खिलाफ 12-दिवसीय हवाई युद्ध की जीत उजागर करेंगे।

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Sep 26, 2025
इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू। फोटो- (The Washington Post)

Netanyahu UN Speech: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने देश का पक्ष मजबूती से रखने के लिए तैयार(Netanyahu UN Speech) हैं। न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले उन्होंने साफ कहा कि वह इजरायल, इसके नागरिकों और सेना (IDF) की सच्चाई को वैश्विक मंच पर उजागर करेंगे। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर उन्होंने कहा, “मैं UN में इजरायल की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करूंगा। हमारे लोगों की बहादुरी और देश की उपलब्धियों को दुनिया के सामने रखूंगा।” नेतन्याहू का यह बयान उनके मजबूत इरादों को दर्शाता है। नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की कोशिशों पर कड़ा हमला(Palestinian State Opposition) बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेंगे, जो इजरायल की सुरक्षा को खतरे में डाले। उन्होंने कहा, “जो लोग आतंकियों को इजरायल की जमीन पर राज्य देना चाहते हैं, उनकी मैं कड़ी निंदा करूंगा। यह स्वीकार्य नहीं है।” उनका यह रुख UN में उनके भाषण का मुख्य हिस्सा होगा, जहां वह वैश्विक नेताओं के सामने इजरायल की स्थिति को और मजबूत करेंगे।

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ट्रंप से अहम मुलाकात

नेतन्याहू वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मिलेंगे। इस मुलाकात में गाजा युद्ध, ईरान के साथ तनाव और मध्य पूर्व में शांति की संभावनाओं पर चर्चा होगी। नेतन्याहू ने कहा, “मैं ट्रंप से चौथी बार मिलूंगा। हम युद्ध के लक्ष्यों को हासिल करने और शांति की दिशा में काम करने पर बात करेंगे।” इस मुलाकात में इजरायली बंधकों की रिहाई, हमास के खिलाफ जीत और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे शामिल होंगे।

मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद

नेतन्याहू ने मध्य पूर्व में सहयोग और शांति की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि हाल की सैन्य सफलताओं, खासकर ईरान के खिलाफ 12-दिवसीय हवाई युद्ध में जीत, ने क्षेत्र में नए अवसर खोले हैं। उन्होंने इस जीत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह मध्य पूर्व में स्थिरता लाने में मदद करेगा। इजरायल अब क्षेत्रीय देशों के साथ बेहतर संबंध बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

भारत का इजरायल के साथ मजबूत रिश्ता

भारत और इजरायल के बीच रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में मजबूत रिश्ते हैं। भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनियां इजरायल में रक्षा क्षेत्र में काम कर रही हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से कई भारतीय कामगार इजरायल में रोजगार के अवसरों का लाभ उठा रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है।

UN में इजरायल की मजबूत आवाज

नेतन्याहू का UN भाषण और ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात मध्य पूर्व की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनका फोकस इजरायल की सुरक्षा, सैन्य उपलब्धियों और क्षेत्रीय शांति पर रहेगा। साथ ही, वह फिलिस्तीनी राज्य के मुद्दे पर अपने कड़े रुख को दोहराएंगे। यह दौरा वैश्विक मंच पर इजरायल की स्थिति को और स्पष्ट करेगा। आईएएनएस

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