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अमेरिका में पीछे से कौन चला रहा सरकार? डोनाल्ड ट्रंप भी आदेश मानने को मजबूर! नए दावे ने सबको चौंकाया

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया फोन कॉल को लेकर विवाद के बीच, अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने कहा कि अमेरिका में अब कोई सरकार नहीं चल रही। बस एक छोटी 'गैंग' सब कुछ अपने कब्जे में लिए बैठी है।

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Mar 29, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

कुछ ही दिनों पहले पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसको लेकर अब तक बवाल मचा है।

इस पर दुनिया के जाने-माने अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने जो कहा, वो सुनकर आप चौंक जाएंगे। उन्होंने सीधे शब्दों में कह दिया कि अमेरिका में अब कोई सरकार नहीं चल रही, बस एक छोटी सी 'गैंग' है जो सब कुछ अपने हाथ में लिए बैठी है।

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फोन कॉल पर मस्क के मौजूद होने की खबरें आईं

दरअसल मामला ये है कि 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जो फोन पर बातचीत हुई, उसमें एलन मस्क के भी मौजूद होने की खबरें आईं। इस पर ANI से बात करते हुए सैक्स ने कहा कि अगर ये सच है तो अमेरिका में लोकतंत्र लगभग खत्म हो चुका है।

सैक्स ने कहा- ऊपर से देखने पर अमेरिका एक बड़ी और ताकतवर सरकार लगती है, लेकिन अंदर से देखो तो कोई व्यवस्था बची नहीं है। सब कुछ चंद लोगों के हाथ में है।

सिलिकॉन वैली ने खरीद ली है सरकार?

सैक्स का इशारा साफ था। उन्होंने कहा कि सिलिकॉन वैली ने इस सरकार को पैसे देकर बनवाया है। अरबों डॉलर का चुनावी चंदा और उसके बदले में नीतियां। यानी नीति नहीं बनती, नीति खरीदी जाती है।

उन्होंने एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी दिया। एलन मस्क समेत सिर्फ दस लोगों की कुल दौलत 2।6 खरब डॉलर है। इतने पैसे से क्या नहीं होता?

सैक्स के मुताबिक इसी पैसे से वेंस को उपराष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचाया गया और पूरा प्रशासन इन्हीं का हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यही वजह है कि ट्रंप भी उनके हर आदेश को मानने के लिए मजबूर हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि पेंटागन तक इन्हीं का मोहताज है। Palantir जैसी कंपनी को अमेरिकी सेना की पूरी सूचना व्यवस्था सौंप दी गई है।

SpaceX बिना सैटेलाइट उड़ाए काम नहीं चलता। AI और टेक्नोलॉजी में सरकार खुद इतनी कमजोर है कि इन्हीं मुट्ठी भर लोगों पर निर्भर है।

भारत ने विवाद पर साफ कर दिया

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे विवाद पर एकदम साफ बात कही। MEA ने कहा कि 24 मार्च की फोन बातचीत में सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप थे, कोई तीसरा नहीं। बातचीत पश्चिम एशिया की स्थिति पर थी।

तो एक तरफ अमेरिकी मीडिया के दावे, दूसरी तरफ भारत का स्पष्ट खंडन। लेकिन सैक्स का कहना है कि मस्क थे या नहीं, असली सवाल ये है कि अमेरिका में संविधान और व्यवस्था कहां गई। उनके शब्दों में कहें तो अमेरिका का संवैधानिक ढांचा बिखर रहा है और दुनिया देख रही है।

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