
'धुरंधर' फेम चौधरी असलम असली किरदार । (फोटो: पत्रिका)
Chaudhry Aslam Encounter Specialist : कराची पुलिस के सबसे निडर अधिकारी (Chaudhry Aslam) की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उन्होंने अपने करियर में 100 से ज्यादा खूंखार अपराधियों का खात्मा किया (Encounter Specialist), जिसके कारण उन्हें पाकिस्तान का सबसे ताकतवर पुलिस वाला माना जाता था। विशेष रूप से ल्यारी (Lyari Gang War) में सक्रिय बलूच गैंगस्टर्स और ड्रग माफिया के खिलाफ उनके अभियान ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया। संजय दत्त की फिल्म 'धुरंधर' (Sanjay Dutt Movie Dhurandhar) भी उन्हीं के जीवन और अदम्य साहस से प्रेरित है, जिसमें उनके अपराध मुक्त शहर (Crime Free Karachi) के सपने को दिखाया गया है।
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार कराची का ल्यारी इलाका कभी गैंगवार और नशीले पदार्थों की तस्करी का केंद्र हुआ करता था। यहाँ उजैर बलोच और रहमान डकैत जैसे अपराधियों का राज चलता था। चौधरी असलम ने इन गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए 'ल्यारी टास्क फोर्स' का नेतृत्व किया। उनका मानना था कि जब तक इन बलूच गैंगस्टर्स का सफाया नहीं होगा, कराची में शांति बहाल नहीं हो सकती। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना गलियों में घुसकर इन अपराधियों का पीछा किया।
चौधरी असलम केवल स्थानीय अपराधियों के ही दुश्मन नहीं थे, बल्कि उन्होंने प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीटीपी (Tehreek-e-Taliban Pakistan) के खिलाफ भी मोर्चा खोल रखा था। जांच में यह सामने आया था कि कई बलूच गैंगस्टर्स को आतंकी संगठनों से शह मिल रही थी। असलम ने आतंकियों को हिरासत में लेकर कड़ी कार्रवाई की, जिससे वे आतंकियों की हिट-लिस्ट में आ गए। उन पर कई बार जानलेवा हमले हुए, लेकिन वे हर बार '9 जिंदगियों' वाले सिपाही की तरह बच निकले।
चौधरी असलम का जीवन वीरता और विवादों का एक ऐसा मिश्रण था, जिसने उन्हें अपराधियों के लिए 'काल' बना दिया था। उन पर हुए जानलेवा हमलों का सिलसिला उनकी निडरता की कहानी खुद बयां करता है:
15 जनवरी 2006: गिज़री में उनके काफिले पर अंधाधुंध गोलीबारी हुई, जिसमें दो जांबाज पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान गंवाई।
11 नवंबर 2010: सीआईडी (CID) केंद्र को बारूद से लदे ट्रक से निशाना बनाया गया। 15 लोगों की मौत हुई, और माना गया कि मुख्य निशाना असलम ही थे।
19 सितंबर 2011: उनके निजी आवास पर 300 किलो विस्फोटक से भरी गाड़ी टकराई गई। असलम बाल-बाल बचे, लेकिन एक मासूम छात्र और शिक्षक समेत 8 लोग मारे गए।
मई - जुलाई 2013: ल्यारी ऑपरेशन और ईसा नगरी में उन पर रॉकेट, ग्रेनेड और बमों से लगातार हमले हुए, लेकिन हर बार वे सुरक्षित निकल आए।
अदम्य साहस का परिचय: 2011 में अपने घर पर हुए हमले के बाद उन्होंने दहाड़ते हुए कहा था— "मैं अपनी जान दे दूंगा, लेकिन इन आतंकियों के सामने नहीं झुकूंगा। अगर हिम्मत है, तो सोते हुए बच्चों को निशाना बनाने के बजाय सड़क पर मेरा सामना करें।"
मीडिया के मुताबिक 9 जनवरी 2014 को कराची के लयारी एक्सप्रेसवे पर एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ। ईसा नगरी के पास एक आत्मघाती टीटीपी ने उनके काफिले को निशाना बनाया, जिसमें चौधरी असलम शहीद हो गए। उनकी मृत्यु के बाद कराची पुलिस ने एक महान योद्धा खो दिया, लेकिन उनके द्वारा शुरू किया गया सफाई अभियान आज भी याद किया जाता है। अपराधियों के मन में उनका खौफ इतना था कि उनके नाम मात्र से माफिया अपनी जगह बदल लेते थे। हमलावर अपने नापाक मंसूबों में कामयाब रहा। विस्फोटकों से लदी एक कार असलम के काफिले से टकराई और एक भीषण धमाके ने कराची को हिला कर रख दिया। इस हमले में चौधरी असलम शहीद हो गए।
हालांकि टीटीपी ने हमले की जिम्मेदारी ली, लेकिन बाद में कुछ ऐसे दावे भी किए गए जिनमें विदेशी खुफिया एजेंसियों की भूमिका की ओर इशारा किया गया। भारत ने इन आधारहीन दावों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया। आज भी, चौधरी असलम को एक ऐसे योद्धा के रूप में याद किया जाता है जिसने कराची की सड़कों पर अंतिम सांस तक माफिया राज को चुनौती दी।
चौधरी असलम का एकमात्र उद्देश्य कराची को टार्गेट किलिंग और जबरन वसूली (Extortion) से मुक्त कराना था। उन्होंने कभी भी राजनीतिक दबाव की परवाह नहीं की। उनका मानना था कि वर्दी की ताकत केवल कानून का राज स्थापित करने के लिए है। यही कारण है कि आज भी उन्हें एक ऐसे नायक के रूप में देखा जाता है जिसने शहर की सुरक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दे दी।
चौधरी असलम की शहादत ने साबित कर दिया कि आतंकवाद और अपराध के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत साहस कितना महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर आज भी उनके पुराने वीडियो और इंटरव्यू वीरता की मिसाल के रूप में साझा किए जाते हैं।उनके निधन के बाद कराची में अपराध की दर में उतार-चढ़ाव देखे गए, लेकिन उनकी ओर से तैयार की गई तैयार की गई 'स्पेशल यूनिट' आज भी उसी आक्रामकता के साथ काम कर रही है।
Published on:
29 Mar 2026 06:05 pm
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