
Pakistan- Afghanistan War: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन गजब लिल हक चलाने का दावा किया है। इसी बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश अपनी शांति और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान के अनुसार इन जवाबी हमलों में 130 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।
पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार गोलीबारी के जवाब में की गई। गुरुवार शाम खैबर पख्तूनख्वा के चितराल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर सेक्टर में कई स्थानों पर फायरिंग हुई थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक यह हमला अफगान तालिबान की ओर से हुआ था।
राष्ट्रपति ज़रदारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो लोग उनके देश की शांति को कमजोरी समझते हैं उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा। सेनाओं की प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक है।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही नंगरहार में एक गोला-बारूद डिपो भी नष्ट करने का दावा किया गया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्थिति को खुला युद्ध बताते हुए कहा कि अफगान तालिबान की आक्रामकता का कड़ा जवाब दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाटो के अफगानिस्तान से हटने के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीद थी, लेकिन हालात बिगड़ गए हैं।
दरअसल, पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान पाकिस्तान विरोधी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को पनाह देता है, जो पाकिस्तान में हमलों के लिए जिम्मेदार है। अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है और उलटे पाकिस्तान पर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाता है।
पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि भारत अफगानिस्तान में पाकिस्तान विरोधी तत्वों का समर्थन कर क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि नई दिल्ली ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।