Durga Puja attacks in Bangladesh : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने ढाका में एक प्रमुख दुर्गा पूजा ( Durga Puja )समारोह में हमले की खबर के बीच शनिवार को सदियों पुराने ढाकेश्वरी मंदिर का दौरा किया। यूनुस ने मंदिर में एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार बांग्लादेश ( Bangladesh)को इस तरह बनाना चाहती है, जहां हर नागरिक के समान अधिकार सुनिश्चित होंगे। अपने इस दौरे के दौरान यूनुस ने बांग्लादेश में हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदू समुदाय ( Hindu Community) के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। पहले घोषणा की गई थी कि यूनुस के रविवार को यात्रा करने की योजना है। ढाकेश्वरी मंदिर प्रमुख शक्तिपीठों में एक है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को बांग्लादेश के पुराने ढाका के तांती बाजार इलाके में शुक्रवार रात दुर्गा पूजा मंडप में एक देसी बम फेंका गया था। इसके बाद आग लग गई और कई घायल हो गए। बाद में, बांग्लादेश के स्थानीय शासन के सलाहकार ए एफ हसन आरिफ उन लोगों को देखने स्थानीय अस्पताल गये जो तांती बाजार मंडप पर हुए हमले में घायल हो गये थे। आरिफ ने तांती बाजार पूजा समिति की ओर से बनाये गये पूजा मंडप का निरीक्षण भी किया।
इससे पहले बृहस्पतिवार को भी करीब छह लोगों ने ढाका से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में चटगांव के जात्रा मोहन सेन हॉल में एक दुर्गा पूजा मंडप के मंच पर इस्लामी क्रांति का आह्वान करते हुए एक गीत गाया, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया था।
ध्यान रहे कि बांग्लादेश में एक अक्टूबर से शुक्रवार तक दुर्गा पूजा उत्सव से संबधित करीब 35 अप्रिय घटनाएं सामने आ चुकी हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन खबरों के मद्देनजर, नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार की तांतीबाजार की घटना और ढाका से लगभग 270 किलोमीटर दूर सतखीरा में जेशोरेश्वरी काली मंदिर से सोने के मुकुट की चोरी का हवाला देते हुए दुर्गा पूजा मंडपों पर हमले की खबरों पर गंभीर चिंता जताई थी।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में पांच-दिवसीय हिंदू धार्मिक उत्सव बुधवार को देवी दुर्गा के आह्वान के साथ शुरू हुआ, जिसे महाषष्ठी के नाम से जाना जाता है। यह उत्सव रविवार को देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के साथ समाप्त होगा। बांग्लादेश में पांच अगस्त को शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से अपदस्थ होने के बाद भड़की हिंसा के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा संपत्तियों में तोड़फोड़ की गयी और मंदिरों को क्षतिग्रस्त किया गया। बांग्लादेश की 17 करोड़ की आबादी में महज आठ फीसदी हिंदू हैं।