
Russia Ukraine Peace Talks: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर एक बार फिर शांति वार्ता की चर्चा तेज हो गई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह वार्ता इस्तांबुल और एंकोरेज में हुई चर्चाओं के साथ-साथ जमीनी हकीकतों के आधार पर होनी चाहिए। पुतिन ने यह भी दावा किया कि बातचीत की प्रक्रिया यूक्रेन की पहल पर ही बाधित हुई थी।
सरकारी अधिकारियों के साथ एक बैठक में बोलते हुए व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस यूक्रेन के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, "रूस यूक्रेन के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है। यह बातचीत इस्तांबुल में हुए समझौतों, एंकोरेज में चर्चा किए गए तौर-तरीकों और सबसे महत्वपूर्ण, जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थिति के आधार पर होनी चाहिए।"
पुतिन के मुताबिक, वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
रूसी राष्ट्रपति ने दावा किया कि शांति वार्ता की प्रक्रिया यूक्रेन की पहल पर बाधित हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संभावित वार्ता दोबारा शुरू होने से पहले यूक्रेन अपने लिए बेहतर स्थिति बनाने की कोशिश कर रहा है और इसी वजह से रूस के भीतर हमले किए जा रहे हैं। हालांकि यूक्रेन की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले वर्ष इस्तांबुल में शांति वार्ता के तीन दौर आयोजित किए गए थे। ये बैठकें 16 मई, 2 जून और 23 जुलाई को हुई थीं।
इन बैठकों के दौरान दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर युद्धबंदियों की अदला-बदली हुई थी। साथ ही संभावित शांति समझौते को लेकर मसौदा दस्तावेजों पर भी चर्चा हुई थी, जिनमें दोनों पक्षों की स्थितियां दर्ज थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अमेरिका और रूस के राष्ट्रपतियों की मुलाकात अमेरिका के अलास्का राज्य के शहर एंकोरेज में हुई थी। इस बैठक के बाद 28 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव सामने आया, जिसे बाद में संशोधित कर 20 बिंदुओं का किया गया। हालांकि बताया जाता है कि यूक्रेन ने किसी भी प्रकार की क्षेत्रीय रियायत देने से इनकार कर दिया था।
अमेरिका की मध्यस्थता में मॉस्को और कीव के बीच इस साल भी तीन दौर की बातचीत हुई थी। पहले दो दौर 23-24 जनवरी और 4-5 फरवरी को अबू धाबी में आयोजित किए गए थे। तीसरा दौर 17-18 फरवरी को जिनेवा में हुआ। बाद में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण यह प्रक्रिया रुक गई।
रूस और यूक्रेन के बीच 2022 की शुरुआत में भी आमने-सामने बैठकर बातचीत हुई थी। उस दौरान इस्तांबुल में एक मसौदा शांति संधि तैयार की गई थी, जिस पर दोनों पक्षों ने प्रारंभिक सहमति जताई थी। हालांकि यह समझौता अंतिम रूप नहीं ले सका और युद्ध जारी रहा।
अब पुतिन के ताजा बयान के बाद एक बार फिर इस बात पर नजरें टिकी हैं कि क्या दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकती है।