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स्वागत होगा या जेल जाएंगी शेख हसीना? घर वापसी के ऐलान के बाद गरमाई बांग्लादेश की राजनीति

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को दिसंबर में अपने देश लौटने का ऐलान किया था। अब इसी पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार सैयद मोअज्जम हुसैन अलाल ने चुप्पी तोड़ी है।
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Aug 06, 2026
Sheikh Hasina Return Bangladesh
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (इमेज सोर्स: एक्स यूजर RightWingPlus स्क्रीनशॉट)

Sheikh Hasina Return Bangladesh: दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान करते ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई हैं। उनकी वापसी को लेकर बांग्लादेश में सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’ (BNP) ने साफ कहा है कि अगर हसीना को अपने फैसले पर भरोसा है तो उन्हें दिसंबर तक इंतजार नहीं करना चाहिए। इसी बयान के बाद उनकी घर वापसी पर गिरफ्तारी और स्वागत की चर्चा शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार ने कहा- दिसंबर तक क्यों?

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार और BNP नेता सैयद मोअज्जम हुसैन अलाल ने शेख हसीना के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर हसीना ने देश लौटने का मन बना लिया है तो उन्हें अभी वापस आ जाना चाहिए। अभी सिर्फ अगस्त का महीना है। फिर सितंबर, अक्टूबर और नवंबर तक इंतजार क्यों?

उन्होंने आगे कहा कि हसीना के भविष्य का फैसला बांग्लादेश की जनता, अदालत और प्रशासन करेगी। उनके देश लौटने के बाद यह तय होगा कि उनका स्वागत होगा या उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

ऐलान में क्या बोली थीं शेख हसीना?

दरअसल, बीते कल बुधवार को शेख हसीना ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया। अगस्त 2024 में सत्ता से हटने और देश छोड़ने के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक बयान था।

उन्होंने कहा कि वह अपने लोगों से दूर नहीं रह सकतीं। घर लौटने पर गिरफ्तारी, जेल या जान से मारने की धमकी सहित किसी भी नतीजे का सामना करने के लिए तैयार हैं। जो भी किस्मत होगा देखा जाएगा। मैं दिसंबर में वापस जाना चाहती हूं।

शेख हसीना को सुनाई गई थी मौत की सजा

बता दें पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को 2024 में जुलाई-अगस्त के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। वहीं, इस मामले में सरकारी गवाह बने पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की जेल की सजा दी गई। ऐसे में फैसला आने के बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत से शेख हसीना और असदुज्जमां खान कमाल को जल्द से जल्द बांग्लादेश सौंपने की अपील भी की थी।

अब सबकी नजर दिसंबर पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि शेख हसीना तय समय पर बांग्लादेश लौटती हैं या नहीं। अगर लौटती हैं, तो उनका स्वागत होगा या उन्हें कानूनी कार्रवाई (जेल) का सामना करना पड़ेगा। इसका जवाब आने वाले महीनों में बांग्लादेश की राजनीति तय करेगी।

Updated on:
06 Aug 2026 04:59 pm
Published on:
06 Aug 2026 04:59 pm