
यूक्रेन गुरुवार को रूस की तेल से होने वाली आय को सीमित करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर हमला किया। इस कार्रवाई में रूस के दूरस्थ इलाकों में स्थित दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। मिसाइल हमलों के बाद दोनों रिफाइनरियों में भीषण आग लग गई। रूस तेल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल युद्ध में कर रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस से युद्ध छोड़कर शांति का रास्ता अपनाने की अपील की।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस अन्य देशों को तेल बेचकर जो आय अर्जित करता है, उसी का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा, "हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई ने एक बार फिर रूस की तेल से होने वाली आय को सीमित करने में प्रभाव दिखाया है। रूस इसी धन का इस्तेमाल युद्ध चलाने और यूक्रेन के लोगों की जान लेने के लिए करता है।"
उन्होंने बताया कि यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने मोर्चे से 1,300 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित रूस के ठिकानों पर हमला किया। इस दौरान बश्कोर्तोस्तान में स्थित बश्नेफ्ट-नोवोइल रिफाइनरी और यूक्रेन की सीमा से करीब 700 किलोमीटर दूर यारोस्लाव क्षेत्र की स्लावनेफ्ट-यानोस रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
जेलेंस्की ने बताया कि काला सागर में रूस की गतिविधियों के खिलाफ भी यूक्रेन को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी बलों ने रूस की दो सैन्य गश्ती नौकाओं और तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के जहाजों को भी निशाना बनाया।
उन्होंने यूक्रेन के रक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि सेना लगातार अपनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता मजबूत कर रही है। उनके मुताबिक, इससे कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
जेलेंस्की ने 'एक्स' पर लिखा, "हमने अलेक्जेंडर स्टब के साथ चर्चा की कि फिनलैंड रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव में हमारी किस तरह मदद कर सकता है। हमें अच्छी तरह पता है कि दुनिया में एयर डिफेंस सिस्टम के लिए कितनी मिसाइलें उपलब्ध हैं। यूक्रेन को इनकी हर दिन जरूरत पड़ती है, क्योंकि हमें रोजाना रूस के मिसाइल हमलों से अपनी रक्षा करनी होती है। यदि हमारे सहयोगी देश अभी मदद करें, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।"