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ईरान की न्यूक्लियर साइट पर अमेरिका का हमला, इस्फ़हान पर बरसाए 1,000 किलोग्राम बंकर बस्टर बम

अमेरिका ने इस्फहान में ईरान के सैन्य ठिकाने पर बंकर बस्टर बम से हमला किया। इससे क्षेत्र में भारी विस्फोट हुए और मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ गया है।
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Mar 31, 2026
Iran's nuclear site in Isfahan
इस्फ़हान में ईरान की न्यूक्लियर साइट पर हमला (फोटो- Mintel World एक्स पोस्ट)

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है और हाल के हफ्तों में यह और तेज हुआ है। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां और बयानबाजी लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े सैन्य और परमाणु ठिकाने पर हमला कर स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में करीब 10 हजार किलोग्राम बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में जबरदस्त विस्फोट और आग देखी गई। इस घटना का भयानक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है।

बेहद अहम सैन्य केंद्र को बनाया निशाना

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस्फहान में स्थित गोला-बारूद सुविधा को निशाना बनाया गया, जो ईरान के लिए बेहद अहम सैन्य केंद्र माना जाता है। यह क्षेत्र ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर से भी जुड़ा हुआ है। हमले में बड़ी संख्या में पेनिट्रेटर म्यूनिशन का उपयोग किया गया, जो जमीन के अंदर छिपे ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम होते हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई धमाके और आग की लपटें दिखाई देती हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वहां मौजूद हथियारों के कारण सेकेंडरी ब्लास्ट भी हुए।

सबसे ताकतवर बमों में शामिल बंकर बस्टर बम

बंकर बस्टर बम खास तरह के हथियार होते हैं जिन्हें मजबूत और जमीन के नीचे बने ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया जाता है। ये बम पहले कंक्रीट या चट्टानों को भेदते हैं और फिर अंदर जाकर विस्फोट करते हैं। सबसे ताकतवर बमों में मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर शामिल है, जिसे बोइंग कंपनी ने विकसित किया है। यह बम जीपीएस गाइडेंस के जरिए सटीक निशाना साधता है। हालांकि इस्फहान हमले में अपेक्षाकृत छोटे बंकर बस्टर का इस्तेमाल हुआ, लेकिन इनका उद्देश्य भी गहराई में छिपे सैन्य ढांचे को खत्म करना ही था।

कुछ ही घंटों पहले ईरान ने किया था हमला

इस हमले के कुछ ही घंटों पहले ईरान ने दुबई के पास एक कुवैती ऑयल टैंकर को निशाना बनाया था, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन तेल रिसाव की आशंका जताई गई है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह इस सैन्य अभियान को जल्द खत्म करने के लिए तैयार हैं, भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुला न हो। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका फिलहाल ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने पर ध्यान दे रहा है और आगे कूटनीतिक दबाव बनाने की योजना बना रहा है।

Updated on:
31 Mar 2026 12:34 pm
Published on:
31 Mar 2026 12:34 pm