Donald Trump Iran Policy: सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजफायर विफल होता है तो अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के रक्षा ठिकानों को निशाना बना सकती है।
US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था लेकिन बार-बार टूट रहा है। ट्रंप प्रशासन लगातार बातचीत का दबाव बना रहा है, लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। इसी बीच खबर आ रही है कि अमेरिका ने एक खतरनाक प्लान तैयार किया है। ईरान के साथ सीजफायर विफल होता है तो यूएस आर्मी होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के रक्षा ठिकानों पर हमला कर सकती है। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट हमला करने की योजना सामने आई है।
सीएनएन ने सूत्रों का हवाला देते हुए लिखा, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ खतरनाक प्लान तैयार किया किया है। बताया जा रहा है कि टारगेट में ईरान की अटैकिंग बोट, माइंस बिछाने वाले जहाज, मिसाइलें और ड्रोन शामिल हो सकते है। इन सभी के जरिए ईरान समुद्री रास्तों पर अपनी कंट्रोल बनाए रखा है। ईरान को तोड़ने के लिए उनके ऊर्जा ठिकानों और सीनियर नेताओं पर हमला कर सकता है।
करीब दो महीनों से जारी तनाव की वजह से ईरान में होर्मुज स्ट्रेट को बंद दिया है। ईरान के इस कदम से दुनिया भर में तेल और एलपीएल का संकट पैदा हो गया। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज के पास अपनी सेना को तैयार कर दिया है। अमेरिकी सेना ईरान की सैना को निशाना बना रही है। अमेरिकी की नई प्लानिंग से ईरान की मुश्किलें बढ़ सकती है।
अमेरिका लगातार ईरान पर बातचीत के लिए दबाव बना रहा है। अगर ईरान ट्रंप की बात नहीं मानता है तो अमेरिकी सेना तेहरान में ऊर्जा ठिकानों, बुनियादी ढांचों पर हमला कर सकती है। ट्रंप पहले भी इस बात को दोहरा चुके है कि युद्ध के राजनयिक समाधान नहीं हुए तो अमेरिका फिर से सैन्य अभियान शुरू कर देगा। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ईरान के आधे मिसाइल लॉन्चर और हजारों ड्रोन अमेरिकी बमबारी अभियान में बच गए थे।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम के दौरान अपनी कुछ सैन्य संपत्तियों को नई जगहों पर ट्रांसफर कर दिया है। ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अगर किसी समझौते पर सहमत होने से मना किया तो उनके ठिकानों पर हमला हो सकता है।
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