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US-Iran War : सुप्रीम लीडर बेहोश हैं तो फौज में कौन भर रहा है जोश, ट्रंप की धमकी पर ईरान ने किया जबरदस्त पलटवार

US-Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार कर दिया है।

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Apr 07, 2026
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई। ( फोटो : X/@Iran_GOV)

Iran Military : ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध और तनाव के बीच, तेहरान ने यह दो टूक यह बात साफ तौर पर कह दी है कि वह अमेरिकी धमकियों के सामने झुकने वाला नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को 48 घंटे की चेतावनी के बाद ईरान ने जो कड़ा और आत्मविश्वास से भरा रुख अपनाया है, वह इस समय वैश्विक कूटनीति के केंद्र में है। हालिया कूटनीतिक, खुफिया और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा अली खामेनेई इस समय बेहोश अवस्था में हैं। युद्ध की शुरुआत में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद मुज्तबा ने सत्ता संभाली थी, लेकिन हमलों के दौरान घायल होने के कारण फिलहाल कोम शहर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। अहम बात यह है कि सुप्रीम लीडर की सार्वजनिक अनुपस्थिति और अचेत होने के बावजूद ईरानी सेना के हौसले कमजोर नहीं पड़े हैं। फौज और देशवासियों में जोश भरने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इन लोगों के कंधों पर है:

संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ: इन्होंने स्पष्ट किया है कि जब देश की रक्षा की बात आती है, तो ईरान का हर एक नागरिक खुद-ब-खुद सैनिक बन जाता है।

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शीर्ष सैन्य कमांडर और IRGC: सेना प्रमुख और रिवोल्युशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर जमीनी स्तर पर रणनीतिक कमान संभाले हुए हैं। उनका सैन्य ढांचा इतना व्यवस्थित है कि शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में न होने पर भी ऑपरेशंस पूरी ताकत से चलाए जा रहे हैं।

ट्रंप की धमकी और ईरान का आत्मविश्वास से भरा करारा जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक बयान में ईरान को "पाषाण युग" में धकेलने की चेतावनी दी थी। उन्होंने एक सख्त समयसीमा तय करते हुए धमकी दी थी कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया, तो उसके प्रमुख पुलों और बिजली संयंत्रों को हवाई हमलों से पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

ट्रंप की धमकियों को "खोखला और भ्रामक" करार दिया

इसके जवाब में ईरानी सैन्य कमान ने रत्ती भर भी घबराहट नहीं दिखाई। सेना ने ट्रंप के दावों का मजाक उड़ाते हुए उनकी धमकियों को "खोखला और भ्रामक" करार दिया। ईरान का स्पष्ट कहना था कि अमेरिका अपनी रणनीतिक विफलताओं और जमीन पर मिल रही हार को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहा है।

अमेरिका से बातचीत पर स्पष्ट 'ना': कौन हैं प्रवक्ता और क्या कहा?

ईरान की ओर से आधिकारिक और कूटनीतिक जवाब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने दिया है। ट्रंप प्रशासन की ओर से मिले 15-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव को "बेकार" बताते हुए बघाई ने दुनिया के सामने ईरान का पक्ष रखा।

प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा:

बातचीत से साफ इनकार: मौजूदा आक्रामक परिस्थितियों और लगातार हो रहे सैन्य हमलों के बीच अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत या समझौता बिल्कुल संभव नहीं है।

संसाधनों पर कब्जे की साजिश: बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका का असली मकसद शांति स्थापित करना नहीं है। वह ईरान की सत्ता को कमजोर कर देश को विभाजित करना चाहता है ताकि वह ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा जमा सके।

थोपी गई शर्तें मंजूर नहीं: अमेरिका केवल अपनी शर्तें थोपने के लिए कूटनीति का दिखावा कर रहा है, जिसके सामने ईरानी जनता घुटने नहीं टेकेगी।

ईरान बोला-हमारी सभ्यता को कोई खत्म नहीं कर सकता

अमेरिकी धमकियों का जवाब देते हुए ईरानी नेतृत्व ने अपने राष्ट्र की प्राचीन और सभ्यता और इसकी ऐतिहासिक उदारता पर जोर दिया। सर्वनाश की धमकियों के बीच ईरान का यह संदेश बेहद स्पष्ट और कड़ा था: "हमारी सभ्यता को कोई खत्म नहीं कर सकता।" ईरान का यह मानना है कि हजारों वर्षों के समृद्ध इतिहास और कई बड़े संकटों को पार कर चुकी इस सभ्यता को न तो कोई विदेशी ताकत मिटा सकती है और न ही कोई सैन्य ताकत उनके अस्तित्व को चुनौती दे सकती है।







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डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार, साफ कहा- अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी

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डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान का करारा जवाब


Updated on:
07 Apr 2026 09:01 pm
Published on:
07 Apr 2026 08:58 pm
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