
Iran US Deal Failure: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है। करीब 21 घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि इस वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। उन्होंने आगे कहा कि हम ऐसी स्थिति में नहीं पहुंच पाए जहां ईरानी हमारी शर्तें मानने को तैयार हों। मुझे लगता है कि हम काफी फ्लेक्सिबल थे, हम काफी एडजस्टिंग थे।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ है, लेकिन इसके बाद दोनों देशों में युद्धविराम को लेकर हालात नाजुक बने हुए है।
वहीं बातचीत फेल होने के बाद ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने कहा कि अमेरिका की मांगों की वजह से समझौता नहीं हो पाया है। ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच जारी बातचीत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु अधिकार जैसे प्रमुख मुद्दे बड़े विवाद के बिंदु बनकर उभरे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद अब भी काफी गहरे हैं। ये दोनों विषय उस व्यापक वार्ता के केंद्र में हैं, जिसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष का समाधान निकालना है।
बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह स्थिति ईरान के लिए अमेरिका से ज्यादा खराब खबर है। उन्होंने कहा कि हमने 21 घंटे तक लगातार बातचीत की। सकारात्मक बात यह रही कि कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन दुर्भाग्य से हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि हमें ईरान से स्पष्ट और ठोस आश्वासन चाहिए कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही ऐसे साधन विकसित करेगा, जिससे वह तेजी से परमाणु क्षमता हासिल कर सके।
यह वार्ता विफल होने से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले भी निरीक्षण, प्रतिबंधों में राहत और यूरेनियम संवर्धन जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने रहे हैं।