
लेबनान सीजफायर पर नेतन्याहू के फोन ने बदल दी दिशा (Photo-IANS)
Donald Trump Lebanon Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा लेबनान को लेकर हो रही है। युद्धविराम की घोषणा के बाद इजरायल द्वारा लेबनान पर हमला किया जा रहा है। इसी बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में लेबनान को सीजफायर का हिस्सा मान लिया था, लेकिन अचानक इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के एक फोन के बाद अपना रुख बदल लिया। CBS News की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहले जानकारी घोषित सीजफायर पूरे क्षेत्र पर लागू होगा, जिसमें लेबनान भी शामिल रहेगा और उन्होंने इस पर सहमति भी जताई थी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने भी संकेत दिया था कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा है।
हालांकि, नेतन्याहू से बातचीत के बाद अमेरिका का रुख बदल गया। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस बदलाव और ईरान के अंदरूनी हालात की जटिलताओं ने कूटनीतिक प्रयासों को और मुश्किल बना दिया है।
अमेरिका अगले हफ्ते वॉशिंगटन डीसी में लेबनान सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए अहम बातचीत की मेजबानी करेगा। यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दफ्तर की ओर से आयोजित की जा रही है।
इसमें अमेरिका में लेबनान के राजदूत मिशेल ईसा, लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायल के राजदूत येचियल लीटर के शामिल होने की उम्मीद है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि भी की है।
इसी बीच इजरायल और लेबनान के बीच सीधे बातचीत की तैयारी की भी खबरें सामने आई है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने अपनी कैबिनेट को लेबनान के साथ सीधे बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया है। इसका मकसद हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना और दोनों देशों के बीच शांति संबंध स्थापित करना बताया गया है।
हालांकि, कूटनीतिक कोशिशों के बीच भी इजरायल ने साफ कर दिया है कि सैन्य कार्रवाई रुकेगी नहीं। नेतन्याहू ने कहा कि हम हिजबुल्लाह पर पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ता के साथ हमले जारी रखेंगे।
Published on:
10 Apr 2026 10:24 am
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