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होर्मुज में अमेरिकी जहाज घुसे या नहीं? वार्ता फेल होने के बाद जुबानी जंग शुरू, युद्ध फिर शुरू होने की आहट तेज

इस्लामाबाद वार्ता समाप्त होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के गेंद ईरान के पाले में है। इस बयान पर ईरान ने कड़ा जवाब दिया।
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Apr 12, 2026
Trump statement on Strait of Hormuz
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- AI)

इस्लामाबाद वार्ता खत्म होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। बातचीत खत्म होने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि गेंद ईरान के पाले में है। इस पर ईरान ने कड़ा जवाब दे दिया है।

टोक्यो में ईरानी दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में साफ लिखा- 'जो तुम जंग के मैदान में हासिल नहीं कर सके, वो बातचीत की मेज पर भी नहीं मिलेगा।'

ईरान की तरफ से यह सिर्फ एक बयान नहीं था। यह ईरान का अमेरिका को सीधा और कड़ा संदेश था कि हम दबाव में झुकने वाले नहीं हैं।

वेंस के 'आखिरी प्रस्ताव' पर ईरान का जवाब

वेंस ने इस्लामाबाद से निकलते वक्त कहा था कि यह अमेरिका का आखिरी और सबसे बेहतर प्रस्ताव है। ईरान ने इस पर भी पलटवार किया।

दूतावास ने लिखा कि आखिरी और सबसे बेहतर प्रस्ताव की बात अपने आप में एकतरफा सोच है। यह कोई हथियार नहीं है जिसे एक पक्ष दूसरे पर थोप सके। समझौता हमेशा दोनों तरफ से होता है।

साथ ही वेंस के उस बयान पर भी ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने हमारी शर्तें न मानना चुना। दूतावास ने इसे जबरदस्ती की सोच बताया और कहा कि जो शर्तें ईरान ने युद्ध के मैदान में नहीं मानीं उन्हें बातचीत में मनवाने की कोशिश करना दबाव की राजनीति है।

होर्मुज पर नई तकरार

इस्लामाबाद वार्ता की विफलता के बाद एक और मोर्चा खुल गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने दावा किया कि उसके दो युद्धपोत USS फ्रैंक ई पीटरसन और USS माइकल मर्फी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे हैं और वहां ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगें साफ करने का काम शुरू हो गया है।

ईरान ने इस दावे को तुरंत और पूरी तरह झूठा बताया। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज से किसी भी जहाज के गुजरने का फैसला सिर्फ ईरान के हाथ में है। अमेरिका का दावा बिल्कुल गलत है।

पाकिस्तान की तारीफ, पर अमेरिका पर निशाना

ईरानी दूतावास ने एक बात और कही जो गौर करने लायक है। उसने पाकिस्तान की ईमानदार मेजबानी और कोशिशों की तारीफ की। लेकिन साथ ही वेंस के उस बयान को भी निशाने पर लिया जिसमें उन्होंने कहा था कि इसका नतीजा ईरान के लिए बुरा हो सकता है। दूतावास ने कहा कि इस तरह के बयान गंभीर जांच के लायक हैं।

किस दिशा में जाएगा सीजफायर?

वार्ता विफल हो गई है। ईरान ने आखिरी प्रस्ताव ठुकरा दिया। होर्मुज पर नई जुबानी जंग शुरू हो गई। अब ट्रंप की वो धमकी याद आती है, जिसमें उन्होंने ईरान की पूरी सभ्यता को मिटाने की बात कही थी। दो हफ्ते का सीजफायर था। वो अब किस दिशा में जाएगा यह सवाल पूरी दुनिया के सामने है।

Updated on:
12 Apr 2026 10:34 am
Published on:
12 Apr 2026 10:34 am
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