
पाक में अमेरिका-ईरान वार्ता। (फोटो- IANS)
US-Iran Talks Update: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरानी नेताओं के बीच हुई वार्ता विफल हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस मामले में पक्ष रखने के बाद अब अमेरिका वापस लौट गए हैं।
अब इस पर ईरान ने भी आधिकारिक बयान जारी किया है। ईरान की ओर से कहा गया है कि इस्लामाबाद में बातचीत खत्म हो गई है, क्योंकि अमेरिका की अत्यधिक मांगों के कारण किसी सहमति तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। ईरान ने कहा- हॉर्मुज स्ट्रेट, परमाणु अधिकार और अन्य मुद्दों सहित कई विषय, विवाद के मुख्य बिंदुओं में शामिल रहे।
वहीं, वार्ता विफल होने के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के करीबी एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका बातचीत को छोड़ने के लिए कोई बहाना ढूंढ रहा था।
सूत्र ने आगे कहा- अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी खोई हुई साख वापस पाने के लिए अमेरिकियों को इस बातचीत की जरूरत थी और ईरान के साथ युद्ध में हार व गतिरोध के बावजूद वे अपनी उम्मीदें कम करने को तैयार नहीं थे। सूत्र ने कहा- ईरान के पास बातचीत के अगले दौर के लिए कोई योजना नहीं है।
इसके अलावा, वार्ता विफल होने के बाद इस्फहान यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर मोहसेन फारखानी ने कहा- ईरान बातचीत में गहरे शक के साथ शामिल हुआ और ऐसा उसने अमेरिका पर किसी भरोसे की वजह से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के प्रति सम्मान की वजह से किया।
उन्होंने अल जजीरा को बताया कि हॉर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण ईरान के लिए एक ‘रेड लाइन’ बना हुआ है। फारखानी ने कहा- इस स्ट्रेट में गश्त करना या इसे नियंत्रित करने के लिए सहयोग मांगना अमेरिका का काम नहीं है।
फरखानी ने आगे कहा कि ईरान ने इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और प्रतिष्ठानों को इसलिए नष्ट किया है ताकि ठीक यही संदेश दिया जा सके और तेहरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के मामले में कोई नरमी नहीं दिखाएगा।
प्रोफेसर ने आगे कहा- ईरान इस प्रक्रिया में तभी शामिल हुआ जब अमेरिका ने उसकी दस शर्तें मान लीं और वह भी केवल इस शर्त पर कि अमेरिका की तरफ से व्यावहारिक और चरण-दर-चरण प्रतिबद्धताएं पूरी की जाएंगी।
Updated on:
12 Apr 2026 08:51 am
Published on:
12 Apr 2026 08:47 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
