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US-Iran War: शांति वार्ता के दौरान ईरानी नेता अब्बास अराघची और मोहम्मद बाकर गालिबाफ की हत्या कर सकता था इजरायल- रिपोर्ट में दावा

US Israel Relations: द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका को आशंका थी कि ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता के दौरान इज़रायल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ को निशाना बना सकता है।
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Jul 03, 2026
Iran Foreign Minister Abbas Araghchi
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Photo-IANS)

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के दौरान इजरायल को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। दोनों देशों के बीच अप्रैल में शुरू हुई बातचीत के दौरान अमेरिका को डर था कि इजरायल, ईरान के दो बड़े नेताओं की हत्या कर सकता है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों की चिंता ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ को लेकर थी। बता दें कि दोनों नेता अप्रैल से शुरू हुई युद्धविराम और शांति वार्ता में ईरान की ओर से अहम भूमिका निभा रहे थे।

हत्या की आशंका से बातचीत पटरी से उतरने का डर

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यदि दोनों नेताओं पर हमला होता है तो शांति वार्ता पूरी तरह से फेल हो सकती है और एक बार फिरसे हिंसा भड़क सकती है। इसी वजह से अमेरिका ने क्षेत्र के कई देशों से संपर्क कर ईरान को संभावित खतरे के बारे में आगाह करने का अनुरोध किया।

वहीं अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि युद्ध के दौरान ईरान के ये दोनों बड़े नेता लक्ष्य माने जा सकते थे, लेकिन बातचीत शुरू होने के बाद किसी भी तरह का हमला कूटनीतिक प्रयासों को गंभीर नुकसान पहुंचाता।

इजरायल की लिस्ट में पहले नंबर पर था गालिबाफ का नाम

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इजरायल की लिस्ट में ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ का नाम पहले नंबर पर था। जैसे ही इस बात की जानकारी अमेरिका को लगी तो उन्होंने इजरायल से स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई न की जाए।

हालांकि इससे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अब्बास अराघची और मोहम्मद बाकर गालिबाफ दोनों इजरायल की टारगेट लिस्ट में थे, लेकिन अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू होने के कारण उनके नाम अस्थायी रूप से सूची से हटा दिए गए थे।

इस्लामाबाद यात्रा के दौरान भी था हमले का खतरा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अप्रैल में इस्लामाबाद यात्रा से पहले ईरान ने पाकिस्तान और कतर के माध्यम से अमेरिका से सुरक्षा संबंधी आश्वासन मांगे थे। ईरान को आशंका थी कि इजरायल इस यात्रा के दौरान गालिबाफ या अराघची को निशाना बना सकता है।

बताया गया है कि पाकिस्तान ने एहतियात के तौर पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को अपनी सीमा से इस्लामाबाद तक लड़ाकू विमानों की सुरक्षा उपलब्ध कराई।

Updated on:
03 Jul 2026 11:18 am
Published on:
03 Jul 2026 10:46 am