विदेश

ट्रेड डील से पहले भारत पर फिर फूटेगा टैरिफ बम? अमेरिकी संस्था ने लगाया गलत व्यापारिक नीतियों का आरोप

भारत-अमेरिका ट्रेड डील वार्ता के बीच अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों पर जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने में नाकामी का आरोप लगाया है। USTR ने सेक्शन 301 जांच के आधार पर भारत से आने वाले उत्पादों पर 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता है।
2 min read
• •
Updated: 3 Jun 2026, 10:12 AM IST
us-india relation
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी (Photo-IANS)

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। इसी बीच अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने अपनी रिपोर्ट में भारत को उन देशों की लिस्ट में शामिल किया है जो कथित तौर पर जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं।

12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्थ शुल्लक लगाने का दिया प्रस्ताव

USTR ने सेक्शन 301 के तहत की गई 60 जांचों के निष्कर्ष जारी करते हुए कहा कि भारत सहित 54 देश ऐसे सामानों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने और उसे लागू करने में विफल रहे हैं। इसके आधार पर इन देशों से आने वाले उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।

USTR ने क्या कहा?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने कहा कि जिन देशों ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लागू किया है, या अमेरिका के साथ पारस्परिक व्यापार समझौते के तहत ऐसा करने की प्रतिबद्धता जताई है, उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है।

इसके अलावा जो देश इन मानकों को पूरा नहीं करते, उनके लिए 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क प्रस्तावित किया गया है। भारत को इसी श्रेणी में रखा गया है।

किन देशों को सूची में शामिल किया गया?

USTR ने भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, वियतनाम सहित 54 देशों को उस सूची में रखा है, जो कथित तौर पर जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में असफल रहे हैं।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एम्बेसडर जेमिसन ग्रीयर ने कहा कि हमारे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने में विफल रहना स्वीकार्य नहीं है। इससे अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

क्या है सेक्शन 301?

सेक्शन 301 अमेरिकी व्यापार अधिनियम (Trade Act) 1974 का एक प्रावधान है, जो USTR को विदेशी देशों की व्यापार नीतियों और प्रथाओं की जांच करने का अधिकार देता है। यदि किसी देश की नीतियां अमेरिकी व्यापार के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या नुकसानदायक पाई जाती हैं, तो अमेरिका उसके खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ, व्यापारिक प्रतिबंध या अन्य दंडात्मक कदम उठा सकता है।

Updated on:
3 Jun 2026, 10:12 AM IST
Published on:
Also Read
View All
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के नेता पहुंचेंगे तेहरान, क्या इस बातचीत से निकलेगा जंग खत्म होने का रास्ता?

अमरीकी मिडटर्म चुनाव 2026: 8 भारतवंशी उम्मीदवार मैदान में, जानें कौन कहां से ठोक रहा ताल

ब्राजील में लूला ने रचा इतिहास, पहले दौर में पिछड़ने के बाद हासिल की जीत, पीएम मोदी ने दी बधाई, कैसा रहा है राजनीतिक सफर?

Brazil Election: लूला की जीत को कोर्ट में चुनौती देंगे फ्लावियो बोल्सोनारो, बोले- इतिहास में पहली बार बढ़ाया गया वोटिंग का समय

रूस से बातचीत पर जेलेंस्की की अमेरिका को दो टूक, बोले- पाबंदियां हटाकर पुतिन से मिलना बड़ी भूल, जमीन की अदला-बदली नहीं होगी